केएमपी निलौठी से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेस-वे से सोनीपत के रुखी गांव तक 36 किलोमीटर क्षेत्र में हो रहे कार्य में 600 लोग काम कर रहे हैं। इनमें न केवल श्रमिक, मिस्त्री हैं बल्कि कई फील्ड के अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि मार्च 2024 तक इस कार्य को लगभग पूरा कर लिया जाएगा।
विदेशी तर्ज पर मिलेंगी एक्सप्रेस-वे पर सुविधाएं
अधिकारियों का दावा है कि इस एक्सप्रेस-वे पर विदेशों की तर्ज पर एमेनेटिज हब बनाए जाएंगे। जहां खानपान, वाहनों की रिपेयरिंग, पेट्रोल पंप पर सीएनजी और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग के साथ रेस्ट रूम की भी सुविधा होगी। आपात सहायता के लिए एक्सप्रेस-वे 24 घंटे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, ट्रॉमा सेंटर और ट्रैफिक पुलिस की टीमें मौजूद रहेंगी। सोनीपत में तीन जगह इस तरह के एमेनेटीज हब बनाए जा रहे हैं। इनमें पहला रूखी, दूसरा नूरनखेड़ा और तीसरा छावड़ी गांव के पास बनेगा।
कुल 21 पैकेज वाले इस परियोजना के 5 पैकेज का हरियाणा में निर्माण हो रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 39 हजार करोड़ है, जबकि इसकी कुल लंबाई 670 किलोमीटर की है। इसमें से मुख्य एक्सप्रेस-वे 570 किलोमीटर का है जो निलौठी से गुरदासपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे 397.712 किलोमीटर और गुरदासपुर से कटरा तक ब्राउनफील्ड एक्सप्रेस-वे 122.288 किलोमीटर लंबा होगा। नकोदर से अमृतसर तक ग्रीनफील्ड सफर 99 किलोमीटर का होगा। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से दिल्ली से कटरा तक जाना आसान हो जाएगा। जिसका सबसे ज्यादा फायदा माता वैष्णो देवी का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को होगा।
ये होंगे फायदे
- 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, छह घंटे में कटरा पहुंच जाएंगे।
- दिल्ली वाया सोनीपत एनएच-44 पर वाहनों का दबाव कम होगा।
- चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए नया रास्ता मिलेगा।
- सोनीपत में पांच जगह पर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी।
अधिकारी के अनुसार
कटरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य युद्ध स्तर से चल रहा है। फ्लाईओवर पर गार्डर रखने का काम शुरू हो गया है। 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही इस मार्ग पर वाहन दौड़ने शुरू हो जाएंगे। -मिनी सिंह, उप प्रबंधक, एनएचएआई, दिल्ली।