मनु की मां सुमेधा सुबह ही जल्दी खाना खाकर सारे काम निपटाकर भगवान की भक्ति में लीन हो गए। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब मनु की पिस्टल में जो गड़बढ़ आई थी वो दिन भी मंगलवार ही था। इसलिए उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि आज आपकी भी परीक्षा और हमारे तप के परिणाम का समय है। मनु और सरबजोत को जो हनुमान जी ने शक्ति दी है वो काबिले तारीफ है। जिंदगी में मैंने अनुभव किया कि ये शक्ति है दुनिया में जो बच्चों को यहां तक पहुंचाया।
परिवार हनुमान जी का भक्त
मनु की मां ने कहा कि हमारा परिवार, मनु, बेटा, पति और वो हनुमान जी के भक्त हैं। हमेशा पूजा पाठ करते हैं। रोज हनुमान चालिसा का पाठ करते हैं। जब से मनु ने ट्रायल शुरू किए हैं तब से मैं तप कर रही हूं। भगवान से यही मांगा की बेटी को मेहनत का फल जरूर दे दें। मैच के दौरान भी भक्ति में ही बैठे थे।
दोनों के लिए की पूजा
मनु की मां ने कहा कि मैंने दोनों बच्चों के लिए पूजा की। सरबजोत और मनु दोनों का अच्छा खेलना जरुरी था। सरबजोत का भी स्ट्रांग होना जरूरी था। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चों के लिए उन्होंने डायरी में भी लिखा है जो भगवान ने सफल कर दिया।
मेरी एकाग्रता आती है बेटी के काम
मनु की मां ने कहा कि मेरा मानना है कि शूटिंग एक फोकस का खेल है और मेरी एकाग्रता भी मनु के काम आती है। मैं टीवी में मनु का मैच नहीं देखती। मैं मैच के दौरान तप करती हूं। मेरा मानना है कि भक्ति में लीन रहना बेटी के लिए अच्छा रहता है।
श्रीमद्भगवद्गीता लेकर बैठीं थी साथ
मनु की मां ने बताया कि वह आज साथ में श्रीमद्भगवद्गीता लेकर बैठीं थी और कृष्ण भगवान से क्रम का फल मांगा। इसमें बच्चों के लिए कोई कमी मत छोड़ना।