कुश्ती का अभ्यास करने के बाद नहाने के लिए जोहड़ में उतरे एक युवा पहलवान की डूबने से मौत हो गई। काफी देर बाद उसके शव को निकाला जा सका। गोताखोरों के समय पर न पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने रोहतक-दिल्ली हाईवे पर जाम लगा दिया।
गांव मांडोठी का निवासी हर्ष बहादुरगढ़ में स्थित रामा भारती स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र था। पढ़ाई के अलावा वह एक प्रतिभाशाली पहलवान था। गांव के ही एक अखाड़े में कुश्ती का अभ्यास करता था। रोजाना की भांति शनिवार की सुबह भी वह अखाड़े में अभ्यास करने गया। प्रैक्टिस करने के बाद वह साथी पहलवानों के साथ नहाने के लिए गांव में स्थित जोहड़ पर गया। इस दौरान वह जोहड़ में डूबने लगा। साथी पहलवानों ने उसे बचाने के लिए प्रयास किए, लेकिन वह डूबता चला गया। इसके बाद गांव के काफी युवाओं ने जोहड़ में उतरकर उसे तलाशा, मगर हर्ष नहीं मिला। यह सूचना गांव में फैली तो पुलिस और प्रशासन से भी मदद मांगी गई।
ग्रामीणों के मुताबिक सूचना मिलने पर पुलिस तो आ गई, मगर गोताखोरों को साथ नहीं लाई। केवल युवा ही अपने स्तर पर हर्ष को ढूढने में लग रहे। इससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। ग्रामीणों ने आसौदा मोड़ के पास रोहतक-दिल्ली मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्राली अड़ाकर जाम लगा दिया। इस घटना पर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। डीएसपी धीरज कुमार और सदर थाना प्रभारी रणधीर सिंह भी मौके पर पहुंची, जिन्हें ग्रामीणों ने खरी-खरी सुनाई।
चार घंटे बाद निकला शव
गोताखोर टीम काफी देरी से आई। गोताखोरों और युवाओं ने मशक्कत से हर्ष के शव को ढूंढा। चार घंटे के बाद उसके शव को जोहड़ से बाहर निकाला जा सका। शव मिलने और पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। जाम खुलने से काफी देर में फंसे वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। मांडोठी चौकी प्रभारी योमेश कुमार ने बताया कि बरसात होने के कारण ही गोताखोरों को आने में देरी हो गई, जबकि ग्रामीणों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही हर्ष के शव का दाह-संस्कार कर दिया।