पतंगबाजी में चाइनीज मांझे का प्रयोग कितना घातक है ये जानते हुए भी साल दर साल इसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। मांझा पतंग उड़ाने वाले के साथ-साथ दूसरों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है। मंगलवार को भी एक अपने पिता के साथ बाइक पर जा रहा एक बच्चा मांझे का शिकार हो गया।
तीज से लेकर रक्षाबंधन के बाद तक होने वाली पतंगबाजी में हर साल चाइनीज मांझे के कारण दुर्घटनाएं होती हैं। बीते कुछ दिनों में ऐसी दो-तीन दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुराने शहर में स्थित भक्तों वाले मोहल्ले का निवासी योग्य शर्मा जब अपने पिता के साथ बाइक से जा रहा था तो सरकारी स्कूल के पास लटक रहा एक प्लास्टिक मांझा उसकी गर्दन से रगड़ खा गया। इससे उसके गले पर कट गया। गनीमत रही कि बाइक की स्पीड कम थी और स्थिति संभल गई अन्यथा चोट काफी गहरी हो सकती थी।
चाइनीज मांझे पर लगे बैन
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्लास्टिक के मांझे पर बैन करने की मांग उठाई है। राजेश खत्री, रमेश, पवन, कृष्ण चावला आदि लोगों ने कहा कि पतंग मनोरंजन के लिए उड़ाई जाती है न कि किसी को नुकसान के लिए। आजकल जो प्लास्टिक का मांझा इस्तेमाल किया जा रहा है वह बेहद खतरनाक है। पतंग कटने पर जहां से यह रील गुजरती है, यदि किसी के शरीर से छू जाए तो वह हिस्सा कट जाता है। इसके अलावा पक्षियों के लिए तो यह बेहद घातक है।