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नहर में पानी न आने से सात गांवों के टैंक सूखे

Wed, 10 Aug 2016 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
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water problem - फोटो : Bureau
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 क्षेत्र के कई गांवों में काफी समय से पेयजल संकट गहराया हुआ है। पानी के अभाव में जलघर के टैंक और पशु तालाब सूख गए हैं। इससे ग्रामीण लोगों और पशुओं के सामने जल संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को इन गांवों के लोगों ने नहरी विभाग के अधीक्षक अभियंता को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई।
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यह समस्या गांव कानोन्दा, कुलासी, लडरावन, खैरपुर, बराही, मुकुंदपुर और बामड़ोली में बनी है। दरअसल, इन गांवों से होकर गुजर रही माइनर में गत अप्रैल माह से पानी नहीं आया है। यही कारण है कि इन तमाम गांवों के तालाबों और जलघर के टैंकों में पानी नहीं पहुंच पाया है। इससे लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। लोगों को खुद के एवं पशुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लोगों ने कहा कि गर्मी के कई महीने निकल गए और अभी कुछ समय और बाकी है। बिना पानी के एक-एक दिन निकालना मुश्किल हो गया है। गर्मी में पशुओं को दोनों टाइम नहलाना पड़ता है। मगर गांवों में तालाबों की हालत खस्ता है। कुछ तालाब तो बिलकुल सूख गए और कुछ एक गांवों के तालाबों में पानी है तो वह बेहद दूषित, सड़ा हुआ है। ऐसे में पशुओं के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है।
जलघर भी सूखें
ग्रामीणों ने कहा कि नहर में पानी न आने के चलते जलघरों के टैंकर भी सूखे हुए हैं। ऐसे में घरों तक पानी कैसे पहुंचे। गांवों में जलापूर्ति के लिए लगे ट्यूबवेलों में भी अब पानी कम आ रहा है। प्यास बुझाने के लिए या तो पानी खरीदना पड़ता है या दूर से ढोकर लाना पड़ रहा है। कुछ गांवों में तो भू-जल भी खारा है। ऐसे में इन लोगों के सामने समस्या गंभीर हो जाती है। संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दें और नहर में पानी छोड़ा जाए। टैंकों और तालाबों की भी सफाई कराई जाए। ज्ञापन पर कुलासी की सरपंच मनीषा, मुकुंदपुर की सरपंच संगीता, बामनौली के सरपंच राकेश, अशोक कानोन्दा, लडरावन व अन्य गांवों के सरपंचों व लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।
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