शहर की सरकार की शुक्रवार को हंगामेदार बैठक रही। बैठक में पार्षद और अधिकारी आपस में जमकर उलझे, जिसके बाद अधिकारियों ने बैठक का बायकाट कर दिया। बायकाट के बाद नपा चेयरमैन कविता नंदवानी के पति महेश नंदवानी अधिकारियों के पास गए। काफी देर तक अधिकारियों के साथ मान-मनौव्वल किया, जिसके बाद अधिकारी फिर से मीटिंग में लौट आए। फिर से मीटिंग शुरू होने से पहले दोनों पक्षों ने माफी मांगी, जिसके बाद मीटिंग की कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि इसके बाद भी मीटिंग के दौरान काफी ऐसे अवसर आए, जब अधिकारी और पार्षद एक दूसरे के साथ उलझते रहे। हालांकि इस गहमागहमी भरे माहौल के बीच शहर के सरकार ने 22 एजेंडों को पास किया।
पार्षद पत्नियां बनी रहीं मूकदर्शक
पार्षद से लेकर चेयरमैन तक महिला प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा तो लिया, लेकिन वो केवल वहां मूकदर्शक बनी रहीं। चेयरमैन कविता नंदवानी केवल एक मौके पर बोलीं, बाकी उनके पति उमेश नंदवानी ने ही पूरी मीटिंग को संभाला। पार्षद भी बैठक के दौरान उमेश नंदवानी को ही संबोधित कर रहे थे। वहीं, बैठक में करीब आधा दर्जन महिला पार्षद शामिल रहीं, लेकिन उनको बैठक में केवल उनको हस्ताक्षर के लिए लाया गया था।
के लाग रे हो, फोन नहीं उठाते : गुर्जर
वार्ड नम्बर 13 के पार्षद सरजीत गुर्जर ने अधिकारियों पर फोन नहीं उठाने का आरोप लगाया। जिस पर नपा सचिव ने अपनी सफाई देते हुए कहा की वे मीटिंग में थे, इसलिए उन्होंने ऐसा किया। जिस पर सरजीत गुर्जर भड़क गए और बोले कि थाहम के लाग रे हो, जो म्हारे फोन नहीं उठाते। इस पर सचिव ने कहा कि उनके काम को बिना फोन उठाए भी कर दिया था, इस पर गुर्जर ने पलटते हुए कहा कि ऐसे नहीं हुआ था, लट्ठ से करवाया था।
कपड़े फाड़ै हैं लोग : घनश्याम
वार्ड नंबर 15 के पार्षद ने घनश्याम गुर्जर ने कहा कि एक पुलिया जो तीन वार्डों को जोड़ती है, उसे आज तक ठीक नहीं किया गया। अधिकारियों ने अपने आपको क्या समझ रखा है, लोग कपड़े तो उनके फाड़ै हैं। इस पर बाद में नपा सदन में प्रस्ताव पास किया गया, इस पुलिया की तुरंत मरम्मत करवाई जाए।
ठेकेदारों की पेमेंट पर उठे सवाल
जिन ठेकेदारों के द्वारा 2012 में काम पूरे कर दिए गए हैं, उनकी पेमेंट अब तक लटकाने पर पार्षद टेकचंद गुर्जर ने सवाल उठाए। वहीं, टेंडर अलॉट करने में हो रही देरी पर अधिकारियों के द्वारा जब कहा गया कि तीन महीने भी लग सकते हैं, तो गुर्जर भड़क गए और बोले की इस शहर को फांसी दे दो। वहीं, जब इसी बात पर अधिकारियों ने भी गुस्से में बोलना शुरू किया तो पूर्व चेयरमैन और पार्षद पति दिनेश यादव ने कहा कि मंदा बोल ले, मीटिंग आड़ै ए हो ज्यागी।
विचार विमर्श के बाद अग्रसेन चौक का नामकरण
पार्षद पुत्र मनीष बंसल ने मीटिंग में अग्रसेन चौक के नामकरण को लेकर प्रस्ताव पेश किया तो सभी ने उस पर एकमत होकर पास कर दिया और जगह पर विचार विमर्श के बाद चौक का नामकरण कर दिया जाएगा। वहीं मनीष बंसल ने गोशाला के लिए 10 ई-रिक्शा खरीदने प्रस्ताव भी रखा, जो पास हुआ।
ये एजेंडे हुए पास
1. भविष्य में सभी भवन नक्शे सब कमेटी के द्वारा पास करवाए जाएं।
2. पार्कों के रखरखाव के लिए पुराने टेंडर रद्द कर नए सिरे से सभी पार्कों के टेंडर किए जाएं।
3. महाराजा अग्रसेन के नाम पर विचार विमर्श के बाद चौक का नामकरण किया जाए।
4. नपा कार्यालय में आरओ लगवाया जाए।
5. नपा के चौकों के जो बोर्ड टूट चुके, उन्हें फिर से लगवाए जाएं।
6. जिन चौक का नामकरण किया जा चुुका, उनका नाम न बदला जाए।
7. श्री गोशाला झज्जर के लिए 10 ई-रिक्शा खरीदने बारे, जो गोवंश के लिए शहर से अनाज व रोटी एकत्रित करेंगे।
8. फायर स्टेशन के लिए हुडा से जमीन अलॉट करवाई जाए।
9. 15 नंबर वार्ड में दो सफाई कर्मचारी और लगाए जाएं।
10. बाबरा रोड पर बरसाती पानी निकासी के लिए नाला बनाया जाए।
11. बाबरा रोड पर टूटी पुलियां का निर्माण फिर से करवाई जाए।
12. फायर स्टेशन की गाड़ियों के लिए टायर खरीदे जाएं।
13. बिजली-पानी व स्वास्थ्य विभाग की लाइन ठीक कराने के बारे में।
14. फायर गाड़ी रिपेयर करवाने बारे वे कर्मियों की ट्रेनिंग दौरान के टीए, डीए बिल।
15. फायर कार्यालय के शौचालय की रिपेयर।
16. शहर के अंदर सभी स्लॉटर दुकानों व अनाधिकृत कालोनियों को स्वीकृत करवाने के बारे में।
17. प्रॉपर्टी टैक्स का फिर से सर्वे करवाने के बारे में।
18. वार्ड पार्षद की सहमति के बाद विकास कार्य की अदायगी के बारे में।
19. 10 हजार से अधिक राशि की पेमेंट फाइनेंस कमेटी की अनुमति के बाद की जाए।
20. बेरी गेट पर वाटर कूलर लगाया जाए।
21. जो सफाई कर्मी ड्यूटी के दौरा नहीं मिला उसकी अनुपस्थिति पार्षद को दर्ज करने का अधिकार।
22. बिना अनुमति के 15 दिन तक लगातार गैर हाजिर रहने पर हटा दिया जाए।
बैठक में कुछ पार्षदों के द्वारा कर्मचारियों को गालियां दी गई थी, जिसके विरोध स्वरूप उन्होंने बायकाट किया था। वहीं, शहर के विकास कार्यों को सुचारु चलाने व इस संबंध में कर्मचारियों के साथ बातचीत कर बाद में मामला निपटाने की बात पर बैठक को पूरा किया गया है। पार्षद के खिलाफ कार्यवाही को लेकर नपा कर्मियों से बातचीत की जाएगी।
-समीर श्रीवास्तव, नपा सचिव, झज्जर।
बैठक में कुछ मुद्दों को लेकर गर्मागर्मी हुई थी, जिसे आपसी तौर पर सुलझा लिया गया है। अब किसी अधिकारी और पार्षद के बीच मनमुटाव नहीं है। बैठक उनकी अध्यक्षता में ही संपन्न हुई है। पार्षद पतियों के द्वारा बैठक में केवल सुझाव दिए गए थे, क्योंकि वे पूर्व में पार्षद रह चुके हैं और उन्हें अनुभव है। शहर के विकास में उनके अनुुभव का लाभ लेने में कोई गलत बात नहीं है, मुख्य कार्यवाही महिला पार्षदों के द्वारा ही चलाई गई।
-कविता नंदवानी, चेयरमैन, झज्जर।