झज्जर में शहर के धौड़ चौक स्थित आशा किरण अस्पताल में वीरवार शाम को डिलीवरी के दौरान महिला की मौत हो गई जबकि बच्चा सुरक्षित है। उसे निकु वार्ड में रखा गया है। महिला की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों और स्टॉफ के बीच हाथापाई भी हुई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
इस मामले में परिजनों ने धौड़ चौक पर सड़क के बीच बैठकर जाम लगा दिया। इसके चलते चारों तरफ जाने वाले मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने।
कुछ देर बाद एसडीएम बेरी रवींद्र और डीएसपी शमशेर सिंह मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। परिजनों का कहना था कि जब तक डॉक्टर को मौके पर नहीं लाया जाएगा, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। समाचार लिखे जाने तक परिजनों ने जाम लगाया हुआ था।
पहले सरकारी, फिर निजी अस्पताल में कराई गई भर्ती
रहणिया कालोनी निवासी पिंकी गर्भवती थी। उसे वीरवार को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे रेफर कर दिया गया था। उसके बाद परिजन उसे धौड़ चौक स्थित आशा किरण अस्पताल में ले आए। परिजनों का आरोप है कि उनको स्टाफ वालों ने बहलाकर रखा और किसी बात की जानकारी नहीं दी। वीरवार शाम को बोला कि पिंकी की तबीयत ज्यादा खराब है और अब तो उसे रोहतक भी नहीं ले जाया जा सकता। इसके कुछ देर बाद आकर बोला कि पिंकी की मौत हो गई है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।