जाट आरक्षण आंदोलन की आहट के बाद बना तनावपूर्ण माहौल शनिवार को पूरी तरह से सामान्य हो गया। किसी भी प्रकार के हालात से निपटने के लिए लगाई गई धारा 144 को हटा दिया गया, वहीं इंटरनेट सेवा भी बहाल कर दी गई। इस बीच सायं को प्रशासन ने हर तरह के हालात से निपटने और आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला। इसमें बड़ी संख्या में पुलिस व पैरा मिलिट्री फोर्स के जावन शामिल हुए। दूसरी तरफ एडीसी ने गुलिया खाप की पंचायत में सद्भावना का संदेश दिया। इस बीच जाट नेता दिल्ली में सीएम से मिलने के लिए भी रवाना हुए।
पुलिस व पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों ने शनिवार सांय शहर के हर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। फोर्स के जवान हथियारबंद थे। लघु सचिवालय से शुरू होकर उन सभी स्थानों से फ्लैग मार्च निकाला गया जो कि पूर्व के आंदोलन में हिंसा के शिकार हुए थे। प्रशासन ने ताकत दिखाने और लोगों को विशवास दिलाने कि हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं, को लेकर पूरी फोर्स को ही सड़क पर उतार दिया था। इस दौरान पुलिस विभिन्न नाकों पर पहले की तरह तैनात है। शहर में आने जाने वाले वाहनों और आमजन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल
इस बीच जिलाधीश एवं डीसी अनीता यादव ने झज्जर जिला में धारा 144, मोबाइल इंटरनेट व बल्क एसएमएस सेवा पर लगे प्रतिबंध को समाप्त कर सेवाओं को पुन: बहाल करने के आदेश दिए है। दोपहर तक सभी नेटवर्क की इंटरनेट सेवाएं बहाल हो गई थी। लेेगों ने इससे राहत की सांस ली। इससे पहले सीआरपीसी, 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए मोबाइल इंटरनेट व बल्क एसएमएस पर रोक लगाने के आदेश दिए थे लेकिन जिले में शांतिपूर्ण स्थिति को देखते हुए उक्त आदेशों को वापस लेते हुए सभी सेवाएं बहाल करने के आदेश जारी किए हैं। जबकि इसी अवधि में शराब की दुकानों को खोलने की भी मनाही थी, स्थिति नियंत्रण में देखते हुए जारी आदेशों में वह रोक भी हटा ली गई है।
गुलिया खाप ने दिया सहयोग का आश्वासन
झज्जर (ब्यूरो)। एडीसी नरेश नरवाल ने शनिवार को गुलिया खाप के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में खाप के प्रतिनिधियों ने आपसी भाईचारा बनाए रखने व किसी भी अप्रिय स्थिति के दौरान जिला प्रशासन का सहयोग देने का आश्वासन दिया। एडीसी ने कहा कि बीते दिनो हुए उपद्रव की वजह से अविश्वास पैदा हुआ है। इस अविश्वास व तनाव के पीछे अफवाह भी कारण रही है। ऐसे में समाज के सभी वर्गों से मौजिज लोगों को आगे आकर तनाव के कारणों को समाप्त करना होगा। खाप प्रतिनिधियों ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का पूरा भरोसा दिया और कहा कि वे अपने क्षेत्र में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति या तनाव पैदा नहीं होने देंगे। बैठक में गुलिया खाप के सचिव खजान सिंह सौंधी, सौंधी के पूर्व सरपंच संपूर्ण सिंह, पंडित रामचंद्र सेवानिवृत मुख्याध्यापक, हिम्मत सिंह थानेदार कुकड़ौला, सतपाल नंबरदार बादली व साहब सिंह पहलवान लाडपुर आदि उपस्थित रहे।
जाट नेता पहुंचे दिल्ली
जाट आरक्षण के मुद्दे पर बात करने के लिए शनिवार को जिले के जाट नेता दिल्ली में मुख्यमंत्री से मिलने गए। इनमें जाट नेता डॉ. ओमप्रकाश धनखड़, प्रकाश धनखड़, बिरोहड़ 12 के प्रधान जगदेव, सुलोचना, राजेश आदि शामिल रहे। फिलहाल जाट नेताओं ने आरक्षण के मसले पर अपना पत्ता नहीं खोला है। देर रात वे दिल्ली मे ही थे।
अब नजर 27 की पंचायत पर
जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर एक जाट गुट ने भले ही 31 मार्च तक का समय सरकार को दिया हो, लेकिन 27 मार्च को ग्वालीसन में होने वाली विभिन्न खापों की बैठक पर भी सभी की नजरें हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष धर्मपान छौत भी सरकार को 26 मार्च तक का अल्टीमेटम दे चुके हैं। ऐसे में अब माना जा रहर है कि 27 मार्च को झज्जर के ग्वालीसन में होने वाली पंचायत जाट आंदोलन का रुख तय करेगी। बता दें कि ग्वालीसन में जाट आंदोलन के दौरान पिछले माह कई दिन तक रोड को जाम किया गया था।