लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में शनिवार को जिला परिषद की बैठक में परमजीत उर्फ सोनू को सर्वसम्मति से चेयरमैन और योगेश सिलानी को उप चेयरमैन चुन लिया गया। बैठक में सभी 19 पार्षद उपस्थित हुए। इनेलो के पार्षदों ने भी आठ पार्षदों का समर्थन होने का दावा करते हुए दोनों पदों के लिए नाम प्रपोज किए। लेकिन पौने घंटे तक चले प्रयासों के बाद दोनों ही पदों पर भाजपा समर्थकों को बिना किसी मशक्कत के सर्वसम्मति से चुन लिया गया। एडीसी नरेश नरवाल ने दोनों के चुने जाने की घोषणा की।
चुनाव के बाद जिला परिषद की पहली बैठक 6 मार्च को हुई थी। इसमें 19 में से केवल पांच पार्षद ही भाग लेने पहुंचे। चेयरमैन व उप चेयरमैन के लिए भाजपा में किसी नाम पर सहमति नहीं बन पाने के कारण चुनाव बिगड़ गया था। अब शनिवार को हुई जिला परिषद की दूसरी बैठक में भाजपा ने पहले की बिगड़ी बात को बड़े आराम से संवार लिया। दो दिन पहले प्रशासन की ओर से पार्षदों को शनिवार को चुनावी बैठक की सूचना दी थी। तभी से पार्षद चेयरमैनी को लेकर जोड़ तोड़ में लगे थे। इस बीच पार्षद बड़े ही गुप्त तरीके से कृषि मंत्री ओपी धनखड़ से भी मिले। मंत्री के सामने ही दोनों नामों पर सहमति बन गई थी। शनिवार की बैठक इसके बाद केवल औपचारिता भर ही मानी जा रही थी। बैठक में जिला पार्षद हालांकि दो गुटों में बंट कर पहुंचे, लेकिन बाद में एक होकर बाहर निकले।
इनेलो ने छलांग भरी, नहीं बनी बात
एडीसी नरेश नरवाल ने जिला परिषद की बैठक में चेयरमैन व उप चेयरमैन के चुनाव के लिए नामांकन मांगे। इनेलो समर्थक वार्ड-8 के पार्षद हरेंद्र सिलानी ने आठ पार्षदों के समर्थन का दावा करते हुए चेयरमैन के लिए अपना नाम प्रपोज किया। उपचेयरमैन के लिए वार्ड-16 के उपेंद्र कादियान का नाम रखा गया। भाजपा समर्थक पार्षदों ने 13 पार्षदों के साथ का दावा करते हुए चेयरमेन के लिए वार्ड-4 के गांव सौलधा निवासी परमजीत और उपचेयरमैन के लिए वार्ड-9 के गांव सिलानी निवासी योगेश कुमार का नाम रखा। इसके बाद बैठक में सर्वसम्मति के प्रयासों पर चर्चा हुई। करीब पौने घंटे बाद पार्षदों ने भाजपा समर्थित परमजीत और योगेश के नामों पर सर्वसम्मति जता दी।
भाईचारे का बना, पार्टी का नहीं
इनेलो समर्थक हरेंद्र सिलाना ने कहा कि विकास के लिए सभी ने सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना है। अब पार्टीबाजी से दूर रहे कर पूरे जिले में विकास के काम होंगे। भाइचारे का चेयरमैन बना है, किसी पार्टी का नहीं। उनके साथ भी आठ पार्षद थे, लेकिन सभी ने सर्वसम्मति पर राया कायम की।
हां मैं, भाजपा से
सर्वसम्मति से चेयरमैन बनने के बाद परमजीत ने कहा कि वह भाजपा से है। उनके साथ 13 जिला पार्षद थे। उनके नाम पर सभी सहमत थे। वे पार्टीबाजी से उपर उठकर हर वार्ड के विकास के लिए काम करेंगे। सभी को साथ लेकर चलेंगे।
चार दिन पहले ही मन गई होली
होली 23 मार्च को है, लेकिन इसके रंग गुलाल चार दिन पहले शनिवार को खूब बिखरे। जिला परिषद के चेयरमेन व उपचेयरमैन बनने के बाद परमजीत व योगेश कांफ्रेंस हाल से बाहर आए तो समर्थकों ने उनको गुलाल लगा कर खुशी मनाई। इसके बाद काफिले में दोनों को इनके निवास तक ले जाया गया। इस दोरान भी समर्थकों ने खूब गुलाल उड़ाया।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुया पार्षदों का प्रवेश
जिला परिषद के चेयरमैन व उपचेयरमैन के चुनाव को देखते हुए शनिवार सुबह ही लघु सचिवालय परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। पार्षद अपने समर्थकों के साथ पहुंचे तो वहीं महिला पार्षदों के साथ उनके पति भी दिखे। पार्षदों को ही अंदर कांफ्रेंस हाल में जाने की इजाजत थी। कोई विवाद न हो, इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से एक कर्मचारी को चुने गए पार्षदों की लिस्ट के साथ गेट पर ही तैनात कर दिया गया था। साथ ही पूरे सचिवालय को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। नाम व आईडी के लिस्ट के साथ मिलान के बाद ही पार्षदों को अंदर जाने दिया गया। समर्थकों व महिला पार्षदों के पतियों को भी बाहर ही रोक लिया गया था। सुरक्षा की कमान यहां डीएसपी राजीव कुमार संभाले थे। चुनावी प्रक्रिया एडीसी नरेश नरवाल व डीडीपीओ विशाल कुमार ने संपन्न कराई।