नयागांव चौक के पास वीरवार को हुई भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की सभा के मंच की पूरी प्रक्रिया युवाओं ने संभाली। युवा वक्ता गगन मूनक ने कहा कि केंद्र सरकार को इस धोखे में नहीं रहना चाहिए कि इस आंदोलन में केवल बूढ़े लोग हैं, असलियत ये है कि बूढ़े तो यहां युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
बिट्टू मल्लन ने कहा कि के हम युवा इस संघर्ष में लुटेरे शासकों की नीतियों को भली-भांति समझ चुके हैं और शुरू से ही मोर्चे में शामिल रहे हैं। फांसी से पहले भगत सिंह ने अपनी जेल डायरी में जो बातें दर्ज की थीं, वह यह थी कि जब तक ये लुटेरे राज्य में सत्ता में रहेंगे, तब तक मानव हाथों से मनुष्यों की लूट जारी रहेगी। मानसा जिले के जगसीर सिंह जवाहरके, रणदीप सिंह बरनाला और गुरवीर सिंह पटियाला ने कहा कि हम पढ़े-लिखे युवा समझते हैं कि किसानों की सब्सिडी कैसे काटी जा रही है। बड़ी कंपनियों को बड़ी राहत दी जा रही है।
साथ ही दैनिक उपयोग की चीजों डीजल, पेट्रोल, गैस व कृषि के लिए जरूरी वस्तुओं के दाम सरकार ने अपने नियंत्रण से छोड़ दिए हैं। नतीजतन, हमारे मेहनतकश लोगों को पूंजीवादी कंपनियां मनमानी दर लगाकर लूट रही हैं। युवा प्रवक्ताओं ने युवाओं से कहा कि अब घर में चुपचाप बैठने का समय नहीं है। हमें गांवों में जाकर मेहनतकश लोगों में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है।
शांति से करें भाजपा का विरोध
यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि भाजपा सरकार दुविधा में है। लगातार दूसरे या तीसरे दिन उनके मंत्री और भाजपा नेता भारत के लोगों को खाना खिलाने वाले अन्नदाता के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे भाजपा नेताओं का विवेकपूर्ण, शांतिपूर्ण तरीके के साथ विरोध करें। युवराज सिंह घुदानी कलां, जसबीर सिंह गग्गरपुर, सुरिंदर कौर घग्गा, माखन सिंह दौन कलां, अमरीक सिंह बादली, लवप्रीत कौर संगरूर, यूपी से राम आसरा यादव और हरियाणा से भगवान पाल सिंह ने भी संबोधित किया।