शहर में पुराने बराही रोड के साथ बसी राधा कॉलोनी के निवासी योगेश कथूरा टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में डिस्कस थ्रोअर श्रेणी एफ-56 में भाग लेंगे। वह गत वीरवार की शाम टोक्यो के लिए रवाना हो गए। परिजनों व शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ रवाना किया।
दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में पिछले दिनों हुए ट्रायल में योगेश ने 45.58 मीटर दूर चक्का फेंककर प्रथम स्थान हासिल किया था। इसकी वजह से उनका चयन टोक्यो में होने वाले पैरालंपिक गेम्स के लिए हुआ। पैरालंपिक खेल टोक्यो में 21 अगस्त से 5 सितंबर तक होंगे। पैरा एथलीटों का कैंप दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में चल रहा है। अपने पिता रिटायर्ड आनरेरी कैप्टन ज्ञानचंद के बीमार होने के कारण योगेश ने वीरवार सुबह तक बहादुरगढ़ में रहकर ही अभ्यास किया। यहां कोई उपयुक्त मैदान न होने की वजह से वह रोहतक-दिल्ली बाईपास के साथ लगते खेतों में अभ्यास करता रहा था। योगेश बताते हैं कि बहादुरगढ़ में दो स्टेडियम हैं, मगर यहां उनके गेम्स से संबंधित साधन नहीं हैं। ऐेसे अभ्यास के दौरान चक्का किसी को भी लग सकता है, जिससे दुर्घटना हो सकती है। इसलिए वह खेतों में जाकर अभ्यास करते हैं। योगेश ने बताया कि वर्ष 2006 में उसके हाथ व पांव में अधरंग की शिकायत हो गई थी। कुछ समय बाद हाथ कुछ ठीक हो गए। वर्ष 2017 में जब वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ता था तो उनके दोस्त सचिन यादव ने गेम्स में भाग लेने के लिए उसे प्रोत्साहित किया।
योगेश ने बताया कि जब वह मैदान में गेम्स खेलने के लिए जाने लगे तो डिस्कस थ्रो में काफी संभावना नजर आई। बाद में मां मीना व पिता ज्ञानचंद ने कहा कि जो भी करो, मन से करो सफलता जरूर मिलेगी। उसके बाद वह कड़ी मेहनत करने लगा। शहर के शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में दिन के वक्त खेलने वाले बच्चों की भीड़ होती थी तो सुबह उनके आने से पहले और रात को बच्चे जाने के बाद अभ्यास करता था। एक वक्त ऐसा आया कि पेरिस में मुझे ओपन ग्रेंडप्रिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने जाना था। टिकट व अन्य खर्च के लिए 86 हजार रुपये की जरूरत थी। घर में पैसों की तंगी थी। ऐसे में एक दोस्त ने उसकी मदद की तो उसने न केवल प्रतियोगिता में भाग लिया बल्कि स्वर्ण पदक भी हासिल किया।
यह हैं योगेश की उपलब्धियां
योगेश ने 2018 में पंचकूला में हुई राष्ट्रीय डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2018 में बर्लिन में हुई ओपन ग्रेंडप्रिक्स में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक, 2018 में इंडोनेशिया में हुए एशियन पैरा गेम्स में चौथा स्थान, 2019 में फरीदाबाद में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2019 में पेरिस में हुई ओपन ग्रेंडप्रिक्स डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक, 2019 में दुबई में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2021 में बेंगलुरू में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता के डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक प्राप्त किया।