रेवाड़ी रोड पर खड़े भारी वाहन। संवाद
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इन दिनों सड़कों पर भारी वाहन यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं, लेकिन उनकी स्पीड पर ब्रेक लगाने के लिए पुलिस व प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इन वाहनों की वजह से सड़कें लोगों के खून से लाल हो रही हैं। वहीं, सड़कों पर खड़े रहने वाले यह वाहन लोगों की मौत का भी कारण बन रहे हैं।
पिछले छह माह के आंकड़ों की बात की जाए तो जिले के विभिन्न पुलिस थानों में 254 सड़क दुर्घटनाओं के मामले दर्ज हुए हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं में 80 फीसदी डंपर, ट्रक व ट्राले शामिल हैं। जबकि 20 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं छोटे वाहनों की टक्कर के कारण हुई हैं। सड़कों पर खड़े रहने वाले ट्रक, डंपर व ट्रालों की टक्कर से जिले में पिछले छह माह में 142 लोग अकाल मौत के आगोश में समा चुके हैं, जबकि 200 से अधिक लोग घायल होकर अस्पताल में पहुंचे हैं। कई लोग इन सड़क दुर्घटनाओं में अपने अंग भी गवां चुके हैं। पिछले एक पखवाड़े की बात की जाए तो इन भारी वाहनों की वजह से तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह वे मामले हैं, जिनकी शिकायत के बाद पुलिस थानों में मामले दर्ज हुए हैं। जबकि ऐसे भी अनेक मामले हैं, जिनमें आपस में समझौते हो जाते हैं और उनके पुलिस में मामले दर्ज नहीं होते।
एक सप्ताह पहले ग्वालीसन रोड पर तलाव गांव के पास एक स्कूटी पर सवार नर्सिंग की दो छात्राओं को ट्राले ने टक्कर मार दी थी। जिससे दोनों छात्राओं की मौत हो गई थी। वहीं, वीरवार की रात को दुजाना व महराना गांव के बीच रेलवे फाटक के पास सड़क पर खड़े एक ट्राले से बाइक की टक्कर हो गई, जिससे बाइक सवार की मौत हो गई थी। एक सप्ताह पहले बाईपास के कोसली मोड़ के पास तीन डंपर आपस में टकरा गए थे, जिसमें दो डंपर के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को सामान्य अस्पताल से रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। इस प्रकार नेशनल हाईवे 71 पर अनेक हादसों में अनेक लोगों की जान जा चुकी है। गुढ़ा गांव के पास भी कुछ दिन पहले एक बाइक चालक सड़क पर खड़े वाहन से टकरा गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इन बढ़ते हुए हादसों से न तो जिला प्रशासन और न पुलिस प्रशासन सबक ले रहा।
सड़कों पर खड़े रहने वाले वाहन चालकों के खिलाफ धारा 283 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए। उनके चालान भी काटे जा सकते हैं। शनिवार से यातायात पुलिस इन वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
- राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।