बस स्टैंड से बस में सवार होते यात्री। संवाद
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रक्षाबंधन पर्व पर सरकार की तरफ से महिलाओं व 15 साल तक के बच्चों का किराया माफी की घोषणा के बाद भी शनिवार व रविवार को निजी बसों के परिचालकों द्वारा किराया वसूलने की शिकायत बस अड्डा प्रभारी को मिली। महिलाओं ने झज्जर बस स्टैंड पर पहुंचने के बाद निजी बसों के परिचालकों की तरफ से दी गई टिकट दिखाई। जिसके बाद चार-पांच परिचालकों ने माफी मांगते हुए करीब 10 महिलाओं और आठ बच्चों का किराया लौटाया। वहीं, कुछ बस संचालकों ने सर्विस का बहाना बनाते हुए रक्षाबंधन के दिन अपनी बसों को रूटों से भी हटा लिया।
कई रूटों पर परिवहन विभाग की बसों को डिमांड के अनुसार भेजा गया। अन्य जिलों से आने वाली बसों में भी यात्रियों को बैठाकर रवाना किया। बसों में दिनभर भीड़ लगी रही, जबकि काफी संख्या में महिलाएं अपने निजी वाहनों से भी सफर तय किया। दिनभर शहर की सड़कों व बाजारों में जाम की स्थिति भी बनी रही। राखी, मिठाई व कपड़े आदि की खरीदारी करने के लिए भीड़ लगी रही। शहर में मुख्य बाजार की तरफ जाने वाले रास्तों पर पुलिस की तरफ से नाकेबंदी भी की गई और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बाजारों में भारी वाहनों को नहीं घुसने दिया। कार व दोपहिया वाहन ही बाजारों में पहुंचे।
बनी रही जाम की स्थिति
चौक-चौराहों पर त्योहार को देखते हुए जाम की स्थिति बनी रही। सुबह ही सामान्य बस स्टैंड पर महिलाओं को बच्चों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। रोडवेज की तरफ से कर्मचारियों व अधिकारियों की ड्यूटी बस स्टैंड पर लगाई गई थी। जिस रूट पर ज्यादा सवारियां हो रही थी। उन रूटों पर विशेष बसों को भेजा जा रहा था।
महिलाओं व बच्चों के लिए सरकार की घोषणा के अनुसार रूटों पर बसों को भेजा गया है। जबकि अन्य जिलों से आने वाली बसों में भी यात्रियों को रवाना किया गया है।
- रविंद्र पाठक, जीएम, परिवहन विभाग, झज्जर।
रोडवेज की कई बसों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त रूटों पर भेजा गया। जिन निजी बसों के परिचालकों की किराया वसूलने की शिकायत मिली थी। उन्हें बुलाकर महिलाओं व बच्चों का किराया वापस दिलाया गया है। साथ ही परिचालकों ने माफी भी मांगी।
- प्रमोद कुमार, बस अड्डा प्रभारी, झज्जर।