तलाव गांव में सोमवार दोपहर को जहर खाने के बाद दंपती व उनके दो बच्चों ने रात को उपचार के दौरान रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया था। मंगलवार को दिनभर ग्रामीण व परिजन शव आने का इंतजार करते रहे। रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम के बाद उनके शवों को शाम के समय गांव में लाया गया। जहां एक ही चिता पर चारों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गमगीन माहौल के बीच शाम को करीब 5:30 बजे उनके शव एक कैंटर में गांव में पहुंचे। शवों को उनके घर पर ले जाया गया। कैंटर के अंदर ही गंगाजल के छींटे देने के बाद सीधे श्मशान भूमि ले जाया गया। मृत दीपक के चाचा राजू ने उन्हें मुखाग्नि दी। मंगलवार को दिनभर उनके घर पर रिश्तेदारों व ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहा।
ये था मामला
तलाव गांव निवासी दीपक पुत्र सतबीर सिंह (40) के परिवार में तीन-चार दिन से किसी बात को लेकर कलह चल रही थी। इसी कारण वह घर से परिवार के साथ निकल आया और सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे पत्नी निशा (35), पुत्री बेबी (13), पुत्र अनुज (11) को रेलवे अंडरपास के पास खेतों में जाकर कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। उसने खुद भी जहर पी लिया। इससे चारों की रोहतक पीजीआई में मौत हो गई थी।
डीसी व एसपी ने किया मौका मुआयना, परिवार से की मुलाकात
मंगलवार दोपहर के समय डीसी श्याम लाल पूनिया व एसपी राजेश दुग्गल, डीएसपी राहुल देव तलाव रोड पर रेलवे अंडरपास के पास घटनास्थल पर पहुंचे। मौके का जायजा लेने के बाद वे मृतकों के घर पर पहुंचे। डीसी व एसपी ने दीपक की मां संतरा देवी से भी मामले की जानकारी ली। संतरा देवी ने कहा कि रविवार को पति पत्नी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था और झगड़े के बाद सोमवार को काम पर भी नहीं गए। जिस समय झगड़ा हो रहा था, उस समय उसने झगड़ा करने से रोका था और कहा था कि अब उनकी बेटी समझदार हो गई है, वे झगड़ा न करें। संतरा देवी ने कहा कि उसके बाद वे शांत हो गए थे। सोमवार को वे काम पर नहीं गए तो उसने उनसे काम पर न जाने के बारे में पूछा था। दोपहर के समय दोनों घर से गए थे। उसे यह जानकारी नहीं थी कि दीपक बच्चों को स्कूल से ले आया है। जब दोपहर बाद जहर खा कर घर पहुंचे तो उसे पता चला कि उसका घर उजड़ गया है।
पड़ोसियों ने कहा कभी नहीं देखे झगड़ा करते
एसपी व डीसी ने गांव में मृतकों के पड़ोसियों से भी बात की लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि वे दोनों कभी लड़ाई करते हुए बाहर नहीं देखे। घर के अंदर चाहे कुछ भी होता हो बाहर इसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती थी। पड़ोसियों की दृष्टि से वे पूरी तरह से ठीक थे। लेकिन सोमवार को अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया। इसकी जानकारी भी उनको बाद में ही मिली है।
चारों के शवों के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। रोहतक पीजीआई में शव अधिक होने के कारण देर से पोस्टमार्टम हो पाया है। मामले में हर पहलू को देखते हुए जांच की जा रही है।
- राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।
मृतक की मां संतरा देवी से बात करते डीसी व एसपी। संवाद- फोटो : Jhjhar
दीपक व निशा का फाइल फोटो।- फोटो : Jhjhar