भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सरकार बड़े पूंजीपतियों के हक में कानून बना रही है, लेकिन खेती को ऊपर उठाने के लिए कुछ नहीं कर रही। सरकार को खेती को बढ़ावा देना चाहिए। वह नयागांव चौक के निकट किसानों की सभा को संबोधित कर रहे थे।
उगराहां ने कहा कि भारत में करीब 10 करोड़ एकड़ भूमि बंजर है, जिसे सरकार की ओर से उपजाऊ बनाया जाना चाहिए। इसे उपजाऊ बनाकर पंजाब जैसे दस अन्य राज्यों की स्थापना की जा सकती है। इस भूमि को भूमिहीन किसानों और मजदूरों में वितरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के शासकों द्वारा लायी जा रही साम्राज्यवादी नीतियों के खिलाफ लड़ने के लिए सबसे पहले हमें मानसिक रूप से फिट होना चाहिए। किसानों को तैयार रहना होगा, यह संघर्ष वर्षों तक चल सकता है।
किसान नेता करमजीत कौर हिम्मतपुरा और सुरिंदर कौर घग्गा ने कहा कि देश के शासकों ने पानी के दुरुपयोग के लिए किसानों को दोषी ठहराया है। जबकि हकीकत यह है कि शासन ने जल संरक्षण के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की। पहले बारिश न होने से खरीफ की फसल सूख रही थी और अब थोड़ी सी बारिश से गांव, कस्बे और खेतों में पानी भर गया है। नहरें टूट चुकी हैं। नहरों की समय से सफाई की जानी चाहिए थी, बाढ़ के अतिरिक्त पानी को जमीन में उतारना चाहिए। इस दौरान सभा को मोगा जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह सडोके, कुलदीप सिंह लुधियाना राजबीर बठिंडा, रिंकू मूनक और जगदेव सिंह भैनीबाघा आदि ने संबोधित किया।