फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मरीजों पर गिर रहा चिकित्सकों के कमरों में लगे एसी का पानी

विज्ञापन
एसी से गिरे पानी के कारण भीगा हुआ फर्श। - फोटो : Bahadurgarh
विज्ञापन
शहर के नागरिक अस्पताल में डाक्टरों के लिए ओपीडी रूम में एसी लगे हुए हैं और मरीजों को पंखे तक की हवा नसीब नहीं हो रही। हड्डी रोग विभाग में तो मरीजों पर एसी से निकलने वाला पानी टपकता रहता है। जहां मरीज लाइन में लगकर डॉक्टर को दिखाने के लिए खड़े होते हैं, वहां पानी गिरने से फिसलन बनी रहती है। इससे बुुजुर्गों व अन्य मरीजों के गिरकर चोटिल होने का अंदेशा रहता है।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के इस दौर में अस्पताल में भीड़भाड़ न बढ़ने देने के लिए डॉक्टर द्वारा मरीजों की जांच व परामर्श बाहर से देने की व्यवस्था चल रही है, लेकिन यह व्यवस्था अब मरीजों के लिए परेशानी का कारण भी बन रही है। उमसभरी गर्मी के चलते मरीज काफी देर तक लाइनों में टीन शेड के नीचे खड़े रहते हैं। सबसे ज्यादा भीड़ स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में लगती है। गर्भवती व अन्य महिलाओं के बैठने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से टीन शेड के नीचे कुर्सियां तो लगाई गई हैं, लेकिन करीब 40-50 फुट के एरिया में जो टीन शेड है वहां पंखे की व्यवस्था नहीं है। अपना नंबर आने के इंतजार में देर तक बैठी रहने वाली महिलाएं गर्मी से परेशान रहती हैं। उन्हें ओपीडी कार्ड से ही हवा झोंकते देखा जाता है।
अस्पताल में आई महिलाओं ममता, कृष्णा व पूनम ने कहा कि बिजली संकट के दौर में भी डॉक्टर एसी चलाते हैं, लेकिन घंटों तक लाइन में खड़े रहने वाले मरीजों के लिए पंखों की भी व्यवस्था नहीं है। गर्मी में चक्कर आकर गिरने का डर रहता है। स्त्री रोग विभाग की ओपीडी के पास सड़क टूटी हुई है और गंदा पानी भरा रहता है। यहां से निकलने वाले वाहनों के कारण मरीजों को पानी के छींटे लगते हैं।
विज्ञापन

मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। ओपीडी के लिए आए मरीज जहां बैठे या खड़े रहते हैं, वहां जरूरत के हिसाब से पंखे लगवा दिए जाएंगे। लाइन में खड़े मरीजों पर एसी से निकलने वाला पानी गिरता है तो उसको बंद करवाया जाएगा।
विज्ञापन

- डॉ. सुमन कोहली, कार्यवाहक पीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें