जाट आरक्षण मसले को लेकर तीन जिलों के खाप और तपों से जुड़े प्रतिनिधियों की एक बैठक दीनबंधु सर छोटूराम धर्मशाला में हुई। इसमें आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की निष्पक्ष तरीके से न्यायिक जांच करवाने, सरकार द्वारा एक श्वेत पत्र जारी करने सहित कई अन्य प्रमुख बातों को लेकर मंथन हुआ। बैठक में झज्जर रोहतक और सोनीपत जिले से विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
दलाल खाप चौरासी के प्रधान भूप सिंह दलाल ने कहा कि 5 सितंबर तक आरक्षण आंदोलन को लेकर सरकार को समय दिया गया है। यदि उक्त समयावधि तक सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया तो आगे की रणनीति सभी खापें व तपों से जुड़े लोग मिलकर तय करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार दर्ज हुए मुकदमे जल्द वापस ले, साथ ही जेलों में बंद लोगों की रिहाई की जाए।
इसके अलावा नई गिरफ्तारियों पर हर हाल में रोक लगाए ताकि समुदाय के लोगों में किसी तरह का कोई रोष न पनपे। दलाल ने कहा कि सरकार अपने वायदों को नहीं निभा रही। सरकार तुरंत कार्रवाई करते हुए समाज का ताना-बाना बनाए रखने के लिए काम करे। उन्होंने कहा कि आरक्षण आंदोलन को न केवल जाट बल्कि अन्य सभी बिरादरी के लोगों का समर्थन भी उन्हें मिला हुआ है।
वहीं दहिया खाप से प्रधान सुरेंद्र दहिया ने कहा कि 14 अगस्त को गोहाना के नजदीक कोल्हा गांव में पंचायत होगी। इसमें प्रदेश के सभी खापों, तपों से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा लेकर आरक्षण मसले, पकड़े गए युवकों की रिहाई करवाने सहित अन्य प्रमुख मुद्दों को लेकर मंथन करेंगे। उन्होंने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान जो हिंसा हुई उसमें समुदाय के लोगों को बदनाम करने, रेप जैसे झूठे प्रकरण की कहानी भी बनाई गई।
उन्होंने कहा कि सरकार अपने वायदे पूरा नहीं कर रही और दर्ज हुए केसों को लेकर ढुलमुल रवैया अपना रही है। समाज को गुमराह करने का काम किया जा रहा है जिससे रोष बना हुआ है। बैठक में कश्मीर सिंह जाखड़, लायकराम, धर्मबीर, तसवीर सिंह राठी, उमेद सिंह देसवाल, दयानंद दलाल, सज्जन सिंह दलाल, रामफल मलिक, बुल्लड़ पहलवान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।