प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से कोरोना वायरस को लेकर जनता पर जनता के कर्फ्यू के आह्वान का जिला वासियों ने पूर्ण समर्थन किया। अपने घरों में रहकर दिन व्यतीत किया। झज्जर जिला में 262 गांव व तीन शहर हैं जिनमें हालात पूरी तरह से कर्फ्यू के रहे। यह कर्फ्यू जनता का अपने ऊपर लगाया हुआ कर्फ्यू था। न की प्रशासन व सेना की तरफ से लगाया हुआ कर्फ्यू। जनता ने कोरोना वायरस को हराने के लिए पूर्ण रूप से अपने ऊपर कर्फ्यू लगाया। वहीं प्रशासन की तरफ से भी शहर में कहीं फायर ब्रिगेड से तो कहीं कर्मचारियों द्वारा मशीन चला कर शहर को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया। सड़कों को दुकानों पर स्प्रे किया गया। जबकि नगर पालिका के कर्मचारियों ने भी शहर की सड़कों की सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पूर्ण रूप से कार्य करते हुए शहर की हर सड़कों व गलियों की सफाई की। दिन भर शहर की सफाई व्यवस्था व सैनिटाइजिंग का कार्य जारी रहा।
बाजारों में छाया रहा सन्नाटा
जनता कर्फ्यू के दौरान शहर की सड़कों पर पूर्ण रूप से सन्नाटा छाया रहा। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद रख जनता कर्फ्यू का समर्थन किया। बाजारों में दवाई की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानों के शटर डाउन थे। कोई भी दुकान बाजार में खुली दिखाई नहीं दी।
सब्जी मंडी रही बंद
शहर की सब्जी मंडी में सुबह ही नाम मात्र लोग पहुंचे थे। लेकिन यहां के दुकानदारों ने भी जनता कर्फ्यू का पूर्ण समर्थन करते हुए दुकानों को बंद रखा। हर रोज सब्जी मंडी में लगी रहने वाली भीड़ नदारद रही और पूरी तरह से सब्जी मंडी में भी सन्नाटा पसरा रहा।
अस्पताल में बनाया अस्थायी काउंटर
सामान्य अस्पताल में आज मरीजों की संख्या भी काफी कम रही। वहीं अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए खुले में अस्थायी ओपीडी बनाई गई है। वहीं आपातकालीन कक्ष के सामने में अस्थायी काउंटर बनाया गया है। जहां पर मरीज को करीब एक मीटर दूर से ही देखा जा रहा है।