बहादुरगढ़। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में गोलमाल के आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की जा रही है। जांच टीम में शामिल चिकित्सा अधिकारी ने अपने स्तर पर टीकाकरण अभियान में शामिल आशा वर्कर, एएनएम व नर्सों के बयान दर्ज किए।
इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने जांच में लीपापोती का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं ने बुधवार को शहर के आदर्श नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर पहुंचकर रोष जताया और जांच टीम को बीसीजी का टीका न लगने के शपथ पत्र भी दिए हैं।
उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग इस घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है और डाटा अपडेट करने की आड़ में फर्जी रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा रहा है।
शिकायकर्ता अनूप अहलावत ने बताया कि जिले के टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के इंचार्ज व उप सिविल सर्जन की ओर से 29 दिसंबर को कर्मचारियों को डाटा अपडेट करने के निर्देश देते हुए पत्र जारी किया गया है।
इसी पत्र को आधार बनाकर पूरा प्रयास गोलमाल को छुपाने और फर्जी आंकड़ों को सही दिखाने के लिए किया जा रहा है।
आदर्श नगर स्थित अर्बन पीएचसी में जांच समिति के समक्ष बयान दर्ज कराने पहुंचे लोगों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। चंचु और राजपाल का कहना है कि जिन लोगों ने बीसीजी का टीका नहीं लगने को लेकर शपथ पत्र पहले दिए थे उन्हें अब फोन करके धमकाया जा रहा है।
आरोप है कि उन्हें पुलिस द्वारा पकड़ने और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने का डर दिखाया जा रहा है। अनूप अहलावत ने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने की बात कही है।
यह है पूरा मामला
आरोप है कि बिना बीसीजी का टीका लगाए फर्जी तरीके से वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ाया गया। लोगों ने बताया कि बहादुरगढ़ में करीब 20 हजार लोगों को बीसीजी वैक्सीन लगाई जानी थी जबकि पूरे जिले में करीब करोड़ों रुपये की वैक्सीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। दरअसल, बहादुरगढ़ निवासी अनूप अहलावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को इस पूरे मामले की शिकायत भेजी थी जिसके बाद जांच शुरू हुई।