हरियाणा में झज्जर पुलिस टीम ने मोबाइल टावरों के महंगे उपकरण चोरी करने के मामले में अंतरराज्य गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें सामान खरीदने वाला कबाड़ी भी शामिल है। गिरोह के मास्टरमाइंड दो मौसेरे भाई हैं। दोनों ही आरोपी पहले मोबाइल टावर लगाने वाली कंपनी में काम कर चुके हैं और उन्हें मोबाइल टावर में लगे महंगे उपकरणों के बारे में जानकारी थी। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एंटी नारकोटिक सेल झज्जर प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार व सीआईए टू बहादुरगढ़ प्रभारी निरीक्षक विवेक मलिक की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि जींद के भाणा ब्राह्मण गांव निवासी रोहित, कपिल, गौरव, भीम उर्फ बंटी निवासी कोयर करनाल, करण निवासी पटियाला पंजाब व अन्य व्यक्ति अपनी गाड़ी में सवार होकर अलग-अलग जगह से मोबाइल टावर में लगे उपकरण चोरी करके पलवल में सोनू कबाड़ी को बेचते हैं।
आज भी वे चोरी का सामान लेकर पलवल में सोनू कबाड़ी को बेचने के लिए जाएंगे। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक सेल व सीआईए टू बहादुरगढ़ की संयुक्त द्वारा चांदपुर मोड झज्जर-रेवाड़ी रोड पर नाकाबंदी करके झज्जर से रेवाड़ी की तरफ जाने वाले वाहनों पर निगरानी रखनी शुरू कर दी।
कुछ समय के बाद मिली सूचना के अनुसार उपरोक्त नंबर की गाड़ी आती दिखाई दी, जिसे पुलिस टीम ने रुकवा कर चालक सीट पर बैठे शख्स से उसका नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम रोहित निवासी जींद बताया। इसके साथ गाड़ी में चार व्यक्ति और बैठे थे। पुलिस टीम ने सभी को मौके पर ही काबू कर लिया।
पुलिस ने गाड़ी की डिग्गी को चेक किया तो उसमें मोबाइल टावर के चार आरआरयू (रेडियो रिसीवर यूनिट) और चार एटिंने मिले। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना माछरौली में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पलवल में सोनू की कबाड़ी की दुकान पर छापेमार कार्रवाई करते हुए सोनू निवासी राजीव नगर पलवल को भी गिरफ्तार किया है।
इन जगहों पर दे चुके वारदात को अंजाम
प्राथमिक जांच में सामने आया कि उन्होंने पानीपत, असंध, गोहाना, मानेसर, पलवल, आईएमटी मानेसर, गुरुग्राम, झज्जर, खेडी डोउला, झाड़ौदा, फतेहाबाद व अन्य जिलों से करीब दो दर्जन से ज्यादा टावरों के उपकरण चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
जयपुर में टावर कंपनी में कर चुके काम
रोहित और भीम दोनों मौसेरे भाई हैं। यह दोनों दो-तीन साल पहले जयपुर में टावर लगाने की कंपनी में काम कर चुके हैं। भीम पलवल में टावर लगाता था और बचे हुए सामान को सोनू कबाड़ी को भेज देता था। यहीं से उनकी जानकारी सोनू से हुई थी। रोहित ने आईटीआई में वैल्डर का कोर्स कर रखा है। भीम व रोहित चोरी के उपकरणों को बेचने समय बीच में कमीशन कमाते थे। ये दोनों ही वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड हैं। दोनों आरोपियों को पहले भी टावरों से उपकरण चोरी करते हुए पकड़ा जा चुका है। इन पर करीब 10-10 मुकदमे दर्ज हैं, जो पिछले साल 2023 में ही जमानत पर आए थे। अब फिर से इन वारदातों को अंजाम देने लग गए।
यह सामान किया गया बरामद
आरोपियों से अब तक 28 आरआरयू (रेडियो रिसीवर यूनिट), 10 बीबीयू (बेस बैंड यूनिट) बरामद की गई हैं। इन दोनों का काम मोबाइलों को सिग्नल देने का होता है। इसके अलावा 20 एंटीने, तीन मोडयूल बरामद किए गए हैं, इसका काम बैटरी को चार्ज करने का होता है। जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए पांचों आरोपी आपस में एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। ये इन उपकरणों को चोरी करके पलवल में सोनू को बेचते थे और पैसों को बाद में आपस में बांट लेते थे।