हरियाणा के गूंगा पहलवान ने पैतृक पहुंचकर सरसों की कटाई की। इस दौरान परिजनों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन खेत में ही खाया। ग्रामीणों का कहना है कि वीरेंद्र सिंह भले ही सेलिब्रिटी बन गए हैं, लेकिन आज भी अपनी मिट्टी से जुड़ा हुए हैं।
भीम अवार्डी व अर्जुन अवार्डी वीरेंद्र उर्फ गूंगा पहलवान रविवार को अपने पैतृक गांव सासरौली पहुंचे। उन्होंने सरसों की कटाई भी की। पैरा ओलंपिक में तीन बार स्वर्ण पदक विजेता व दो बार कांस्य पदक विजेता रहे वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान को दिन भर खेतों में सरसों के कटाई करते हुए देखकर लोग दंग रह गए।
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उन्होंने आसपास काम कर रहे किसानों से इशारों में बातचीत की ओर उनका हाल-चाल जाना। परिजनों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन खेत में ही खाया। इस दौरान उनके चेहरे पर प्रसन्नता साफ दिखाई दे रही थी।
वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान जब कभी भी अपने पैतृक गांव आते हैं तो वे अपने खेतों में काम करना नहीं भूलते। वे समय मिलते ही खेतों में जाते हैं और अपने खेतों की देखभाल करते हैं। फसल की कटाई के समय वे परिजनों के साथ मिलकर फसल कटाई में उनका सहयोग करते हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि वीरेंद्र सिंह भले ही सेलिब्रिटी बन गए हैं, लेकिन आज भी अपनी मिट्टी से जुड़ा हुए हैं। वे अपने पैतृक गांव में आकर लोगों के साथ खुशियां मनाना नहीं भूलते।