गांव छारा में शुक्रवार की रात को मटरू पहलवान की हत्या की घटना से हर कोई स्तब्ध हुआ। गांव में रोष फैल गया। हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग को लेकर गांव के लोग टोल प्लाजा पर इकट्ठे हो गए और लगभग साढ़े नौ बजे नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। काफी संख्या में वाहन जाम में फंस गए। पुलिस से एक सप्ताह में हत्यारों को पकड़ने का आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
मटरू के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया था। गांव में दुकानदारों ने रोष व दुख स्वरूप अपनी दुकानें बंद कर दी। सड़कें सुनसान नजर आने लगी। हाईवे पर लोगों ने ट्रक व ट्रैक्टर आदि वाहन टेढ़े खड़े करके जाम लगा दिया। हाईवे पर जाम लगाने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाना शुरू किया। झज्जर से एसपी राजेश दुग्गल और डीएसपी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को तीव्र जांच करते हुए हत्यारों को शीघ्र पकडने का आश्वासन देकर करीब साढ़े दस बजे जाम खुलवाया। गांव वालों ने बताया कि सोमवार को वे झज्जर में एसपी से उनका कार्यालय में मिलेंगे और स्पष्ट करेंगे कि एक सप्ताह के भीतर मटरू के हत्यारे नहीं पकड़े गए तो वे फिर हाईवे जाम कर देेंगे।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिंक जांच टीम ने घटनास्थल पहुंचकर सुबूत जुटाए। अपराध शाखा पुलिस भी सक्रिय हो गई। हमले के कारण या हमलावरों का पता नहीं चल पाया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हुई है कि यह हत्या और लूट का मामला है या फिर रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि मटरू के भाई बबलू व अन्य परिजनों का कहना है कि मटरू या उनके परिवार की किसी से रंजिश नहीं रही है। पिछली बार उसने सरपंच का चुनाव लड़ा था। जीतने में केवल 60 वोट की कमी रह गई थी। इस बार भी वह सरपंच का चुनाव लडने की तैयारी कर रहा था।
बिजेंद्र उर्फ मटरू पहलवान काफी मिलनसार था। पांच भाइयों में सबसे छोटे बिजेंद्र उर्फ मटरू तीन बेटियों और एक बेटे का पिता था। पुलिस ने उसके बड़े भाई अशोक कुमार की शिकायत पर आसौदा थाना में मामला दर्ज किया है। बिजेंद्र ईंट भट्ठों से ईंटें सप्लाई करने का व्यवसाय काम करता था। मटरू की हत्या होने से न केवल छारा बल्कि पड़ोसी गांवों के लोग भी स्तब्ध हैं। आसौदा थाना प्रभारी बाबूलाल का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।