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किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, जगह-जगह लगे जाम, हाईवे रहे टोल फ्री

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केएमपी टोल से गुजरते ट्रैक्टर। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। टीकरी बार्डर-बहादुरगढ़ पड़ाव में शामिल सैकड़ों किसान वीरवार को केएमपी निकाली गई ट्रैक्टर रैली में शामिल हुए। इस दौरान शहर में और शहर के चारों तरफ मुख्य मार्गों पर घंटों तक जाम लगा रहा। टीकरी बार्डर और ढांसा बार्डर पर 11 किसान अनशन पर रहे। टीकरी बार्डर पर पंजाब से आए एक किसान ने खुद को बेड़ियों में बांधकर प्रदर्शन किया। टीकरी बार्डर से जाखोदा मोड़ के आगे एक निजी स्कूल तक किसानों के लगभग 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में ट्रैक्टर रैली की वजह से किसानों में भारी जोश रहा। इलाके में तीनों हाइवे पर तमाम वाहन टोल फ्री चले।
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वीरवार को टीकरी बार्डर से सैकड़ों ट्रैक्टरों पर सवार किसान केएमपी पर कुंडली के लिए रवाना हुए। किसानों टीकरी बार्डर पड़ाव के विभिन्न स्थानों से सैकड़ों ट्रैक्टर आसौदा मोड़ पर केेएमपी के लिए चले तो जगह-जगह जाम लग गया। शहर में पुराने हाइवे, बालोर रोड, नाहरा नाहरी रोड, नजफगढ़ रोड, झज्जर रोड व बादली रोड पर सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे। रोहद टोल प्लाजा से टीकरी बार्डर और झाड़ोदा बार्डर तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही। पुलिस को यातायात को चलाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। खुद किसानों ने भी जाम से अपने ट्रैक्टरों को निकालने के लिए जगह-जगह जाम खुलवाया। वीरवार की ट्रैक्टर रैली में दुल्हेड़ा से दीपक देशवाल के नेतृत्व में और अन्य तमाम गांवों से भी काफी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ शामिल हुए।
टीकरी बॉर्डर 50 से अधिक किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। टीकरी बॉर्डर धरना स्थल पर अनशन पर बैठे किसानों को सुबह करीब सवा ग्यारह बजे गर्म दूध पिलाकर अनशन समाप्त करवाया गया। साथ ही 11 दूसरे किसानों ने 24 घंटे के लिए अनशन शुरू कर दिया। खिलाड़ी कोटे से ग्रुप-डी की नौकरी में भर्ती होने के बाद हाल ही में राज्य सरकार हटाए गए 1518 युवाओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने भी टीकरी बार्डर पर प्रदर्शन किया। इन युवाओं के प्रतिनिधियों के तौर पर राकेश व सुमित ने 24 घंटे के लिए अनशन भी शुरू किया। पंजाब के अबोहर फाजिल्का से आए किसान काबल सिंह ने खुद को लोहे की जंजीरों से बनी बेड़ियों में बांधकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों व मजदूरों को तीन काले कानूनों की बेड़ियों में जकड़ रही है। लेकिन हम भगत सिंह के वंशज हैं। तीनों कानूनों को रद्द करवाकर ही दम लेंगे।
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