बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के रद्द होते ही पंजाब, हरियाणा के किसान अपने घरों को लौट गए हैं। हालांकि अब बहादुरगढ़ टीकरी बॉर्डर से जाखौदा बाईपास चौक तक साफ-सफाई की जा रही है। लेकिन बहादुरगढ़ बाईपास पर लगातार उड़ रही धूल से वाहन चालकों के साथ-साथ सेक्टर-9 के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को किसानों के सभी तंबू हट गए और दिन भर नेशनल हाइवे पर साफ सफाई अभियान चलता रहा।
एक वर्ष से अधिक समय तक चले किसान आंदोलन के बीच बहादुरगढ़ में टीकरी बॉर्डर से जाखौदा बाईपास चौक तक 15 किलोमीटर क्षेत्र में किसान जमे हुए थे। जैसे ही केंद्र सरकार की ओर से नए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया गया। वैसे ही किसानों के मन में खुशी की लहर दौड़ गई थी। इसके बाद से किसान अपने घरों की तरफ जाने शुरू हो गये। शनिवार देर रात तक सभी किसान अपने गंतव्य की ओर से रवाना हो गये थे। उसके बाद से 15 किलोमीटर क्षेत्र में लगातार धूल उड़ रही है। ऐसे में स्थिति दुपहिया वाहन चालकों के लिए बेहद खराब है। एक वर्ष से अधिक समय तक किसानों के यहां डटे रहने के कारण वाहनों की आवाजाही न के बराबर थी और यहां पर किसी तरह की धूल नहीं उड़ रही थी। अब जैसे ही किसान घरों को लौटे तो बहादुरगढ़ बाईपास पर सभी जगह धूल उड़ती रही। इस मार्ग पर किसानों द्वारा मिट्टी डाली गई थी। जो भी वाहनों के आवागमन होने के बाद उड़ रही है।
बारिश हुई तो हो जाएगी सड़क साफ
यदि इन दिनों क्षेत्र में तेज बारिश होती है तो काफी राहत मिलेगी। मार्गों पर जमी मिट्टी के साथ-साथ सभी सड़कें साफ हो जाएंगी और लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। फिलहाल लोगों को तब तक मुश्किल का सामना करना पड़ेगा, जब तक इस मार्ग को पूरी तरह से साफ नहीं किया जाता।