बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे पंजाब-हरियाणा के किसानों ने 43वें दिन ट्रैक्टर रैली निकाली। एक हजार से अधिक ट्रैक्टरों के काफिले के साथ किसान टीकरी बॉर्डर से दिल्ली-रोहतक मार्ग के रास्ते आसौदा केएमपी और नाहरा-नाहरी मार्ग के रास्ते कुंडली बार्डर की तरफ रवाना हुए। इस दौरान शहर में जाम की स्थिति बनी रही। जाम से निपटने के लिए थाना शहर पुलिस, ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाला। अर्द्धनग्न होकर पंजाब के युवा किसानों ने ट्रैक्टरों को डायवर्ट कराया। खास बात यह रही कि वीरवार को मौसम भी किसानों पर मेहरबान रहा। करीब 11 बजे मौसम खुल गया और सूर्य देव आसमान में चमक गए।
टीकरी बॉर्डर से केएमपी पर पहुंचे सैकड़ों किसान
बहादुरगढ़ में टीकरी बॉर्डर से जाखौदा बाईपास चौक तक अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में हजारों की संख्या में किसान डटे हुए हैं। वीरवार को अधिकतर किसानों ने अपने ट्रैक्टरों से रैली निकाली। इनमें आधे किसान जहां अपने ट्रैक्टरों को लेकर आसौदा केएमपी पर पहुंचे तो इतनी ही संख्या में किसान ट्रैक्टरों से नाहरा-नाहरी मार्ग से गुजरते हुए कुंडली बॉर्डर की ओर रवाना हुए।
हर ट्रैक्टर पर थे 10 किसान सवार
वीरवार को रैली निकालने के दौरान हर ट्रैक्टर पर 8-10 किसान सवार थे। किसानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभी किसानों के ट्रैक्टरों पर भारतीय किसान यूनियन के झंडे लगे हुए थे। किसानों ने बारिश से बचाव के इंतजाम भी ट्रैक्टरों पर किए थे। हालांकि वीरवार को मौसम किसानों पर मेहरबान रहा। न तो बारिश हुई और न ही ठंडी हवाएं चली। दोपहर बाद सूर्य आसमान में चमक गए।
युवा किसानों ने अर्द्धनग्न होकर कराए वाहन डायवर्ट
टीकरी बॉर्डर से शुरू हुई किसानों की ट्रैक्टर रैली शहर में झज्जर रोड से मुड़कर नाहरा-नाहरी मार्ग पर पहुंची। इस मार्ग के मुंहाने पर जहां पुलिस ने जाम से लोगों को बचाने का जिम्मा संभाला। वहीं पंजाब के कई युवा किसानों ने अर्द्धनग्न होकर ट्रैक्टरों को कुंडली बॉर्डर की ओर भेजा।
ट्रैक्टर रैली के दौरान शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे दुकानदारों का व्यवसाय भी काफी प्रभावित हुआ। जिस मार्ग से ट्रैक्टरों का काफिला गुजरा वहां पर तो स्थिति बेहद ही खराब रही। काफिला दिल्ली-रोहतक रोड के साथ-साथ नाहरा-नाहरी मार्ग से गुजरा।