मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा लोगों को किसान आंदोलनकारियों के खिलाफ एकजुट होकर लठ उठा लेने के लिए कहने पर आंदोलनकारी किसानों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कई जगह प्रदर्शन किए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बयान को भड़काऊ बताते हुए किसान नेताओं ने कहा कि राज करने के लिए मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
भाकियू जींद के नेता जियालाल डुंडवा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल एक जिम्मेदार राजा का फर्ज निभाने के बजाय जनता को भिड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लखीमपुर घटना पर कहा कि भाजपा को इस तरह की करतूतों के बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे। बारूराम ने कहा कि सीएम द्वारा हर जिले में हजार-पंद्रह सौ लोगों को डंडे उठकर तैयार रहने की सलाह देने से सरकार को कोई लाभ नहीं होगा। करनाल जैसी करतूत सरकार ने फिर की तो आर-पार की लड़ाई होगी। सरकार आंदोलनकारियों को नकली मानती है तो टीकरी बार्डर पर उन कथित किसानों को भेजकर दिखाए तो आंदोलन के कथित विरोधी हैं।
रोहतक के जय भगवान ने कहा कि लखीमपुर की घटना सरकार ने जानबूझकर करवाई है और प्रदेश में मुख्यमंत्री उससे भी बड़ी घटना करवाना चाहते हैं जिसका बहुत गलत परिणाम होगा। सरकार चाहे जो कर ले किसानों की मांगें तो पूरी करनी पडे़गी। दलाल खाप 84 के फतेह सिंह दलाल ने कहा कि यूपी की घटना बड़े नेताओं के इशारा पर हुई है। लखीमपुर में किसानों की मौत का बदला लिया जाएगा। भाकियू रत्ताखेड़ा के सुखचैन सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की परीक्षा लेने की कोशिश कर रही है। किसान जब अपनी पर आएंगे तो भड़काने की कोशिश कर रहे नेताओं को बिलों में घुसना पड़ेगा।