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भारत बंद : बहादुरगढ़ में सड़क व रेल यातायात रहा बंद, बाजार रहे खुले

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आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मौत हो गई उन्हें दी गई श्रद्धांजलि। - फोटो : Bahadurgarh
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संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किए गए भारत बंद के आह्वान का यातायात सेवाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ा। सुबह करीब साढ़े छह से दोपहर बाद चार बजे तक मेट्रो को छोड़ सभी यातायात सेवाएं ठप रही। इस लगभग आठ घंटे की अवधि में 22 यात्री और एक्सप्रेस रेल गाड़ियों को मिलाकर 40 गाड़ियां नहीं चल पाईं। सभी हाईवे और केएमपी एक्सप्रेस वे को किसानों ने जाम रखा। हाईवे को छोड़ लगभग सभी लिंक रोड खुले रहे। दिल्ली जाने के लिए झाड़ोदा बार्डर और सभी छोटे बार्डर खुले रहे। बादली के पास ढांसा बार्डर बंद रहा। बहादुरगढ़ शहर में बंद का कोई असर नहीं हुआ। तमाम बाजार, बैंक व आफिस खुले रहे। ऑटो रिक्शा आदि भी सामान्य दिनों की तरह चले। सुरक्षा के लिए बहादुरगढ़ का एक मेट्रो स्टेशन बंद रखा गया लेकिन मेट्रो ने अन्य दिनों की तरह बराबर फेरे लगाए। क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर पुलिस व अद्ध्रसैनिक बल के जवान तैनात रहे। रेल व बस यातायात बंद रहने से यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। बस सेवा भी बंद रही।
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बहादुरगढ़ में किसानों का भारत बंद शांतिपूर्ण रहा। सोमवार घनी सुबह ही रेलवे स्टेशन पर काफी पुलिस कर्मी तैनात हो गए। छह बजे से पहले ही संयुक्त किसान मोर्चा टीकरी बार्डर कमेटी के सक्रिय सदस्य रेलवे स्टेशन पहुंच गए। ट्रैक के बीचोंबीच बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी से धरने की शुरुआत की। प्लेटफार्म नंबर 1 पर लाउड स्पीकर लगा वाहन खड़ा करके दिनभर सभा चलाई। किसानों के पहुुंचने के साथ ही बिजली गुल हो गई जिस पर किसानों ने कई तरह के सवाल उठाए। भारतीय किसान यूनियन डकोंदा के प्रधान बलदेव सिंह, जम्हूरी किसान सभा पंजाब के अमरीक सिंह, भाकियू लखोंवाल से पुरुषोत्तम गिल, पंजाब किसान यूनियन की जसबीर कौर और एआईकेकेएसएस के जयकरण मांडोठी ने किसानों को संबोधित किया।
भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसानों ने एमआईई पुलिस चौकी के पास, सेक्टर-9 बाईपास मोड़, बहादुरगढ़ बाईपास पर पीडीएम फ्लाईओवर के पास, जाखोदा बाईपास मोड़, केएमपी, आसौदा फ्लाईओवर के नीचे नेशनल हाइवे नंबर 9 को जाम रखा। रोहद टोल व छारा टोल के अलावा झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग पर दुल्हेड़ा के पास भी मार्ग को बाधित किया गया था। वहीं दिल्ली की तरफ जाने वाले मार्गों पर भी पुलिस की ओर से विशेष निगरानी रखी गई थी। कई मुख्य मार्गों पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। कई जगह मार्ग मार्ग बंद होने के कारण लोगों को यहां तो वापस लौटना पड़ा या फिर खेतों व अन्य रास्तों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। इमरजेंसी सेवाओं के अलावा बैंक भी खुले रहे। हालांकि कई बैंकों के कर्मचारियों का पीछे से समर्थन जरूर रहा। बैंक में उपभोक्ताओं की संख्या भी कम रही।
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भारत बंद के आह्वान का शहर के बाजारों में कोई असर नहीं हुआ। निजी व सरकारी सभी प्रतिष्ठान व संस्थान खुले रहे। सुरक्षा की लिहाज से कई निजी स्कूल बंद रहे। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक भारत बंद का आह्वान किया गया था। शहर के माल गोदाम रोड, काठमंडी, अनाजमंडी, रेलवे रोड, इंद्रा मार्केट, नाहरा-नाहरी रोड, लाइनपार, मेन बाजार, झज्जर रोड, दिल्ली रोहतक रोड समेत कई अन्य मार्गों पर भी दुकानें खुली रही। हालांकि बाजारों में ग्राहकों की संख्या सामान्य दिनों के बजाय कम रही। कुछ जगहों पर मार्ग बाधित होने के कारण लोग शहर में नहीं आए।
किसानों के बंद के आह्वान के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे। मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस तैनात रही। बाजारों में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अर्धसैनिक व पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। दिल्ली-रोहतक रोड पर रेलवे रोड के मुहाने के पास व्रज वाहन, एंबुलेंस, पुलिस के काफी वाहन खड़े रहे। आमजन, राहगीरों, दुकानदारों को किसी तरह की कोई परेशानी न आए इसको लेकर जिला प्रशासन व पुलिस का विशेष ध्यान रहा।
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