फोटो 60 : शहर के एक स्कूल में पहुंची शिक्षा विभाग की टीम। स्रोत विभाग
बहादुरगढ़। शिक्षा विभाग जिले के निजी स्कूलों का भौतिक निरीक्षण करने के लिए टीमें स्कूलों में जा रही हैं। मान्यता प्राप्त स्कूलों से विभिन्न बिन्दुओं पर रिर्पोट ली जा रही है। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्ती दिखाई है। खण्ड शिक्षा अधिकारी मुन्नी सहारण ने बताया कि बहादुरगढ़ में 38 निजी स्कूलों की पहचान की गई हैं जो मान्यता प्राप्त नहीं हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला न करवाएं।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी झज्जर विरेन्द्र कुमार ने कहा कि निजी स्कूलों को एडवाइजरी जारी कर अहम निर्देश दिए गए हैं। इनमें कहा गया है कि वह अभिभावकों पर निजी पब्लिशर्स की किताबें खरीदने का दबाव न बनाएं। पुरानी किताबों के इस्तेमाल के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करें । इससे छात्रों और अभिभावकों की आर्थिक स्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ में कक्षा अनुसार स्कूल बैग के वजन के नियम को भी फॉलो करें। विभाग ने कहा कि स्कूलों में छात्रों को अपनी बोतल से पानी पीने के लिए मजबूर न करें। नियमानुसार हर स्कूल में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य है। कक्षा 1 से 2 के बच्चे का बैग डेढ़ किलो से ज्यादा भारी ना हो। क्योंकि अधिक वजन उनके बचपन के लिहाज से उनकी सेहत के लिए हानिकारक है। अधिकतर निजी स्कूल गैर लाभकारी संस्थाओं के रूप में पंजीकृत हैं, उन्हें उसी भावना से कार्य करना चाहिए।