संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर रविवार को कार्यक्रमों की धूम रही। कहीं भंडारा व जागरण हुआ तो कही संगोष्ठी में वक्ताओं ने देश निर्माण में उनके योगदान को सराहा।
उनकी प्रतिमा पर भी श्रद्धासुमन अर्पित कर उनको याद किया गया। कार्यक्रमों में वक्ताओं ने उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने पर भी जोर दिया।
कांग्रेस ने दीप जलाया, पुष्प किए अर्पित
कांग्रेस की ओर से रविवार को मार्केट चौराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के 60वें महापरिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कांग्रेस के प्रदेश संगठन सचिव बिजेंद्र रंगा की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, दीप जलाए और पुष्प अर्पित किए।
इस मौके पर पूर्व विधायक हरिराम बाल्मीकि, कांग्रेस नेता प्रदीप गोच्छी, विजय पूनियां, सुरेंद्र जाखड़, प्रदीप, हरदीप आदि मौजूद रहे।
वक्ताओं ने यहां बाबा साहेब के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लेकर त्रिसूत्रीय कार्यक्रम पर चलने का आह्वान किया।
शिक्षा व संघर्ष की बतायी जरूरत
डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर रविवार को कुम्हारधर्मशाला में हरियाणा अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों व गणमान्य व्यक्तियों की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इसमें बाबा साहेेब के जीवन से प्रेरणा लेने, उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं समाज को शिक्षित करने और संघर्ष करने की सलाह भी दी गई।
इससे पहले डॉ. अंबेडकर के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
संगोष्ठी में कपूर सिंह सिंघल, शिवधन मिस्त्री, रेेहताश, अनिल तंवर, अशेेक कुमार, जयकिशन, जितेंद्र, विजय सिंह, मुरारी लाल, ईश्वर सिंह, रणधीर सिंह, पवन कुमार, नंद किशोर आदि ने विचार रखे।
रूढ़ियावास में रात को जागरण, सुबह लगा भंडारा
गांव रूढ़ियावास में भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर शनिवार रात जागरण हुआ और सुबह भंडारे में आमजन को प्रसाद बांटा गया।
गांव की डॉ. बीआर अंबेडकर समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रधान जयसिंह रंगा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज को नई दिशा दी।
उनको श्रद्धांजलि किसी भी रूप में दी जाए, वह कम है। युवाओं को उनके पदचिह्नों पर चलना चाहिए। डॉ. अंबेडकर ने संविधान बनाकर इसमें सभी वर्गों के लोगों के अधिकार संरक्षित किए।
उनके राष्ट्र व समाज निर्माण के योग दान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम में ओमप्रकाश, चांदराम, कुमारी ज्योति, सुखबीर मलिकपुर, सुरेंद्र जांगड़ा, रमेश कुमार, राजेश नौगांवा, हुकुम सिंह आदि उपस्थित रहे।