बहादुरगढ़। देश के प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की मंशा को प्रशासनिक अमला किस कदर अमली जामा पहना रहा है इसकी बानगी आदर्श गांव सांखोल में देखी जा सकती है। गंदगी के ढेर प्रशासन के दावों और कार्यशैली की हकीकत खुद बयां करते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से किए जा रहे सफाई के दावे बेमानी हैं। अधिकारियों की उदासीनता के कारण सफाई कर्मी अपने कार्य को पूरी जिम्मेदारी से अंजाम नहीं दे रहे। बारिश का मौसम होने से गंदगी के ढेर मौसमी बीमारियों को न्योता देते नजर आते हैं।
गांव सांखोल के साथ से गुजर रहे रोहतक हाईवे पर देवीलाल पार्क के पास पड़े गंदगी के ढेर यहां की जा रही सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। शहर में प्रवेश करते ही सड़क किनारे पड़ी गंदगी यहां के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठाती नजर आती है।
शहरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई के नाम पर नगर परिषद, हुडा विभाग व बीडीपीओ कार्यालय की ओर से केवल खानापूर्ति की जा रही है। सड़क किनारे खुले में पड़ी गंदगी के ढेर बीमारियां परोस रहे हैं। शहर के अनेक वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। नाहरा-नाहरी रोड, बराही रोड, झज्जर रोड, नजफगढ़ रोड सहित कई अन्य मार्गों पर गंदगी प्रशासन के सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोल रही है।
यह बोले दुकानदार
यहां के दुकानदार मोनू, सुनील, उमेश, राजू सहित कई अन्य ने कहा कि नालियों की भी सफाई ठीक से नहीं हो रही। सफाई कर्मी नालियों की सफाई करने के लिए तो आते हैं लेकिन कूड़े का उठान समय पर नहीं होता। यही नहीं, पॉश क्षेत्र सेक्टर 6 में भी सफाई का कार्य भी संतोषजनक नहीं है।
खुले में गंदगी पड़ी रहती है लेकिन इसके उठान को लेकर कर्मचारी ध्यान तक नहीं देते। ऐसे में कूड़े के ढेरों में लावारिस पशु दिनभर मुंह मारते रहते हैं। शहर से सटे गांव सांखोल के पास बने देवीलाल पार्क के आगे हाईवे के किनारे काफी दूर तक खुले में गंदगी के ढेर लगे हैं। उनका कहना है कि आसपास के क्षेत्र में रेहड़ी लगाने वाले व गांव सांखोल के अनेक ग्रामीण घरों से निकलने वाले कूड़े को सड़क किनारे फेंक देते हैं। दुकानदारों ने सफाई व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने की मांग की है।