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लता मंगेशकर का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति

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लता मंगेशकर का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति
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संगीत प्रेमियों ने यज्ञ का किया आयोजन, दी गई स्वर कोकिला को श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। विख्यात पार्श्व गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शहर के संगीत प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। यज्ञ का आयोजन कर लता को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विविधा सांस्कृतिक केंद्र के संयोजक शास्त्रीय संगीतज्ञ विनोद गिरधर ने कहा कि लता जी की मधुर आवाज दशकों तक गूंजती रहेगी। नए गायकों को प्रेरित भी करती रहेगी। इच्छुक लोग भी लता जी के नाम व काम से संगीत सीखते रहेंगे। संगीतकारों व संगीत प्रेमियों मैत्रेयी दत्ता, उमेश राय, मयंक विरमानी, सरजू कश्यप, दीप्ति राठी, इशिता गुजराल, विजेंद्र ढांडा, अजय प्रकाश, कुश नारंग, कमल वर्मा, श्रुति गुप्ता व विशाल वर्मा ने भी लता को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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वहीं स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर गोधन सेवा समिति ने उनकी आत्मा की शांति के लिए यज्ञ किया। यज्ञ के बाद सभी ने लता मंगेशकर के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर भगवान से आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अध्यक्ष रमेश राठी ने कहा कि स्वर कोकिला के निधन पर देशवासियों में शोक व्याप्त है। लता मंगेशकर हमारे बीच नहीं रहीं, मगर उनकी मधुर आवाज का जादू चलता रहेगा। अपने गीतों के जरिए वह हमेशा हमारे बीच रहेंगी। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर का जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। सोनू बंसल ने विधि विधान से यज्ञ संपन्न कराया। हवन पर यजमान के तौर पर बबलू दलाल जाखोदा उपस्थित रहे। कृष्ण चावला, बिजेंद्र राठी, राजा जून, नीतीश गौड़ व राजेंद्र जांगड़ा ने यज्ञ में आहुति देकर लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी।
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