झज्जर। 22 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में रोहतक की गोपाल कॉलोनी से लापता हुए मोहित नाम के युवक का शव जिले के पहाड़ीपुर गांव के पास जवाहर लाल नेहरू कैनाल में मिला है। युवक धामड़ गांव के सरकारी स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत था। परिजनों का आरोप है कि मोहित ने फाइनेंसरों से कर्ज ले रखा था। वे मोटा ब्याज लगाकर उसपर लौटाने का दबाव बना रहे थे।
22 अप्रैल को वह घर से बिना कुछ बताए चला गया था। उसके बाद परिजनों ने युवक की तलाश की जब वह नहीं मिला तो रोहतक शहर पुलिस थाने में परिजनों से गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसके बाद से पुलिस व परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। परिजनों के अनुसार युवक ने फाइनेंसरों से 10 से 12 लाख रुपये कर्ज लिया हुआ था, जिसकी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस ने शव को नहर से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल भिजवाया। जहां से पुलिस पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
रोहतक की गोपाल कॉलोनी निवासी मोहित वर्मा 22 अप्रैल को घर से बिना कुछ बताए संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन उसकी तलाश में लगे थे। सोमवार की सुबह पहाड़ीपुर गांव के पास से गुजर ही जवाहर लाल नेहरू कैनाल में लोगों ने एक युवक का शव तैरता हुआ दिखाई दिया।
मोहित के भाई सचिन ने बताया कि मोहित पर करीब 10 से 12 लाख रुपये का कर्ज था। जिससे वह मानसिक तौर पर काफी परेशान रहता था और पैसा देने के लिए फाइनेंसर लगातार उस पर दबाव बना रहे थे मोहित ने काफी पैसे दे भी दिए थे, लेकिन फाइनेंसर तीन से चार गुणा ब्याज लगाकर उस पर निरंतर दबाव बना रहे थे और उसे धमकी भी दे रहे थे। संभवत उसकी मौत के पीछे यही वजह रही है। उसका कहना है कि मोहित के शरीर पर चोट के निशान भी थे। परिजनों ने बताया कि करीब चार साल से वह ग्रुप डी की नौकरी कर रहा था। सचिन ने बताया कि मृतक मोहित अविवाहित था।
वर्जन
सूचना मिली थी कि पहाड़ीपुर गांव के पास जेएलएन के पुल के निकट युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने शव को पानी से निकलवा कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। रोहतक पुलिस को भी जानकारी दे दी गई है। इस मामले में आगे की कार्रवाई रोहतक पुलिस करेगी।
- पवन कुमार, जांच अधिकारी, थाना बेरी।