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Nikki Murder Case: साहिल ने शादी के तीन दिन तक पत्नी से छिपाए रखा राज, पुलिस का दबाव बड़ा तो पत्नी को बताया सच

Wed, 15 Feb 2023 04:12 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर-बहादुरगढ़ (हरियाणा)

सार

विधवा मां ने किसी तरह मेहनत से पैसा जोड़कर साहिल से बेटी की शादी की थी। लेकिन साहिल के धोखे से मां-बेटी टूट गई। मां-बेटी अब खुद को छली हुई महसूस कर रही हैं। 
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आरोपी साहिल गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के बहादुरगढ़ क्षेत्र के एक गांव की नव विवाहित युवती का संसार उसके पति की करतूत के कारण विवाह के तीन दिन बाद ही उजड़ गया। पति द्वारा अपनी लिव इन पार्टनर की हत्या के बाद बिना बाप व बिना भाई की लड़की और उसकी मां अब खुद को छला हुआ महसूस कर रही हैं।

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निकटवर्ती गांव की लड़की का रिश्ता दिसंबर 2022 में दिल्ली के गांव मितराऊ के निवासी साहिल गहलोत के साथ हुआ था। तभी शादी की तारीख भी तय हो गई। दोनों परिवारों ने आपस में विचार विमर्श करके शादी की तारीख 10 फरवरी तय की। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार साहिल गांव में बारात लेकर पहुंचा।



गाजे-बाजे के साथ दूसरी रस्में और सात फेरे होने के बाद अपनी दुल्हन को ले गया। लेकिन पहली रात (9-10 फरवरी की रात) को ही साहिल अपनी लिव इन पार्टनर गांव खेड़ी खुम्मर की निशा (निक्की) यादव की हत्या कर चुका था। इसलिए उसके मन में कुछ और ही चल रहा था। हालांकि तीन दिन तक उसने अपनी नई नवेली पत्नी को इस बारे में कुछ नहीं बताया।
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उधर, वारदात की सूचना मिलने पर नजफगढ़ के बाबा हरिदास नगर थाने की पुलिस पहले दिन से ही साहिल को ढूंढ़ रही थी। पुलिस का दबाव बढ़ा तो चौथे दिन सोमवार की रात साहिल ने पत्नी को कहा कि उससे एक लड़की का मर्डर हुआ है, इसलिए वह अपने मायके (बहादुरगढ़ के पास गांव) चली जाए।

नवविवाहिता ने अगली सुबह मंगलवार को फोन कर अपनी मां को सारी बात बताई। बेचारी विधवा मां ने परिवार-पड़ोस के कुछ लोगों को मितराऊ भेजा। यहां दोनों पक्षों में बातचीत के बाद तय हुए अनुसार लोग दिए-गए दान दहेज समेत अपनी बेटी को वापस ले आए।

अपने विवाह के कुछ समय बाद से ही कष्ट झेल रहीं मां और उसकी बेटी अब इस घटना के बाद टूट गई हैं। उन पर दुखों को पहाड़ कम होने के का नाम नहीं ले रहा। लड़की के पिता का करीब 20 साल पहले निधन हो गया था। तभी से मां-बेटी बहुत कष्टों के साथ जी रही थीं। मां अपनी बेटी को लेकर कभी अपने मायके चली जाती और कभी यहां (बहादुरगढ़ के पास गांव) रहती।

पिछले कई साल से यहां भैंस का दूध बेचकर बेटी का और अपना पेट भरती हैं। गांव के सरकार स्कूल में पढ़ाकर बेटी को 12वीं कक्षा भी पास करवाई। विधवा मां ने बड़ी मेहनत से कुछ पैसे जोड़कर साहिल के साथ बेटी की शादी की। उन्हें अब फिर अपनी बेटी के भविष्य की चिंता सताने लगी है।

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