गुरुग्राम के स्क्रैप व्यापारी हत्याकांड की जांच कर रहे रोहतक एसटीएफ के जवान सतबीर सिंह की झज्जर जिले के गांव भूरावास के पास किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी। गोली दाहिने तरफ की कनपटी के पास लगी थी। सतबीर की गाड़ी में सरकारी रिवाॅल्वर भी मिला है। एसटीएफ प्रमुख नरेंद्र पाल ने कहा है कि हत्या में गैंगस्टर का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता, फिर भी हर एंगल पर जांच की जा रही है।
भूरावास गांव निवासी सतवीर फौज सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पुलिस में भर्ती हुआ था। तीन साल से वह एसटीएफ रोहतक में तैनात था। हालांकि कुछ समय के लिए सवह बहादुरगढ़ व गुरुग्राम में भी रहा। डेढ़ माह पहले वापस एसटीएफ रोहतक में आ गया था।
इधर, 29 फरवरी की रात गुरुग्राम के स्क्रैप व्यापारी सचिन सौदा की लाखनमाजरा स्थित एक होटल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सतबीर इस मामले की जांच में शामिल था। बताया जा रहा है सोमवार को वे इसी मामले की जांच के सिलसिले में झज्जर गए थे। इस दौरान किसी ने सतबीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
ससुर की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज
भूरावास गांव निवासी सतबीर सिंह की शादी पाना बिधयान दूबलधन निवासी पूनम के साथ 24 मार्च 2001 में हुई थी। शादी के बाद से वह गांव दूबलधन में अपनी ससुराल में ही रहता था। सोमवार रात वह अपने पैतृक गांव भूरावास में अकेला ही आया हुआ था। सतबीर का शव मंगलवार की सुबह जेएनएल फीडर भूरावास के पास मिला। पुलिस ने ससुर राजेंद्र की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
तीन साल से हवलदार सतबीर एसटीएफ रोहतक में तैनात था। लाखनमाजरा के पास हुई गुरुग्राम के व्यापारी की हत्या के सिलसिले में झज्जर गया था। किसी ने उसकी भूरावास गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के पीछे किसी गैंग का हाथ है या नहीं, इस दृष्टिकोण से भी जांच कर रहे हैं।
-इंस्पेक्टर नरेंद्र पाल, प्रभारी एसटीएफ रोहतक