हरियाणा के झज्जर शहर के किड्स स्कूल गुरुकुल में चार साल के एक मासूम की गले में आंवला फंसने मौत हो गई।आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के बजाय स्कूल बस से घर भेज दिया। परिजन जब तक उसे निजी अस्पताल ले गए, बच्चे की मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है।
सुलौधा निवासी दीपक ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसका चार साल का बेटा हिमांश मंगलवार सुबह किड्स स्कूल गुरुकुल में पढ़ने गया था। स्कूल में आंवले का पेड़ लगा हुआ है। हिमांश ने पेड़ के नीचे गिरा आंवला उठाकर खा लिया। यह आंवला उसके गले में फंस गया।
आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय मृत अवस्था में स्कूल बस में बैठाकर ड्राइवर के हाथों घर भेज दिया। जैसे ही उसका बच्चा घर आया, वह उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने गले में फंसा आंवला निकाला, लेकिन हिमांश की जान नहीं बच सकी।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हादसा हुआ है। पुलिस ने पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मंगलवार को होगा पोस्टमार्टम
मंगलवार को काफी समय बीतने के कारण बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
निजी अस्पताल से बच्चे की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवाया गया है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। परिजनों ने स्कूल प्रबंधक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। शिकायत पर स्कूल प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
-सरिता, जांच अधिकारी, शहर थाना, झज्जर