अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
सीआईए बहादुरगढ़ की टीम ने एक मोस्ट वांटेड अपराधी समेत तीन बदमाशों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
अपराध जांच शाखा बहादुरगढ़ के प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि सीआईए बहादुरगढ़ की एक टीम ने मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को अवैध हथियारों और एक रिट्ज गाड़ी सहित गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि सहायक उप निरीक्षक रामनिवास के नेतृत्व में सीआईए बहादुरगढ़ की एक टीम गांव निलोठी के जलघर के पास नाकाबंदी पर तैनात थी। इस बीच गांव निलोठी की तरफ से आती दिखाई दी।
एक रिट्ज कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख चालक ने कार को पुलिस टीम पर चढ़ाने की कोशिश की और गाड़ी को भगा लिया। पुलिस ने सरकारी गाड़ी से पीछा किया तो कार में तीन युवक सवार दिखाई दिए। कार चालक ने अपनी गाड़ी को जसौरखेड़ी के पास निर्माणाधीन केएमपी हाइवे पुल के पास कच्चे रास्ते की तरफ मोड़ दिया और अपनी गाड़ी को रोक कर भागने लगे।
पुलिस का कहना है कि पुलिस को पीछा करते देख भागते हुए बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने जान जोखिम में डालते हुए कड़ी मशक्कत के बाद तीनो युवकों को हथियारों सहित काबू कर लिया। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में अपने नाम मोनू उर्फ भोली निवासी गांव जसौर खेड़ी (जिला झज्जर), लोकेश उर्फ भांजा निवासी गांव फाजिलपुर (जिला सोनीपत) और सचिन उर्फ कालू पुत्र रामचंद्र निवासी गांव इस्माइला (जिला रोहतक) बतलाए। आरोपियों की मौके पर तलाशी ली गई तो उनके कब्जे से दो पिस्टल और छह कारतूस बरामद हुए। आरोपियों की रिट्ज कार को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। तीनों के खिलाफ थाना सदर बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया है।
आज अदालत में पेश करेंगे
इंस्पेक्टर सतीश ने बताया कि आरोपी मोनू उर्फ भोली निवासी जसौर खेड़ी अनेक संगीन वारदात कर चुका है। वह झज्जर जिला पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड अपराधी है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। इन बदमाशों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
- पकड़े गए बदमाशों से दो पिस्टल और छह कारतूस बरामद