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युवा कांग्रेसी नेता मोनू की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी के मां-बाप गिरफ्तार

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
युवा कांग्रेसी नेता मोनू जून का मंगलवार की दोपहर गमगीन माहौल में दाह संस्कार हुआ तो उधर पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी के मां-बाप को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल तमाम हमलावर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस जांच में शुरुआती तौर पर रुपयों के लेनदेन की बात सामने आ रही है। तीन बार मांग के बावजूद मोनू को सुरक्षा न देने का मामला भी जांच का विषय बन गया है।
बीती देर सायं झज्जर रोड पर अपने घर के पास एक सैलून के बाहर बैठे युवा कांग्रेसी नेता मोनू जून की फॉर्चयूनर में सवार होकर आए बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट तो अभी नहीं आई है, पुलिस अधिकारियों की मानें तो मोनू के शरीर में 15 से अधिक गोलियां लगी हैं। गोलियों की संख्या 20 तक भी हो सकती है। रातभर काफी हंगामे के बाद परिजन पुलिस कार्यवाही के लिए राजी हुए थे। मंगलवार की दोपहर शहर के नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम हुआ।
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इस दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून, कांग्रेस नेता सतपाल राठी, पूर्व चेयरमैन तेजबीर दलाल सहित कई कांग्रेसी व अन्य संगठनों के लोग मौजूद रहे। हर कोई इस कृत्य पर आरोपियों को कोस रहा था। पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव लोवा खुर्द में मोनू का दाह संस्कार किया गया। पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून ने कहा कि फिलहाल क्षेत्र में कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई। आए दिन वारदातें हो रही हैं। कुछ महीने पहले पूर्व सरपंच अनूप की हत्या की गई थी तो अब युवा मोनू को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस मामले को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे।

रुपयों का लेनदेन
मामले में फिलहाल रुपयों के लेनदेन की बात सामने आ रही है। बताते हैं कि रुपयों के लेनदेन के चलते इनका पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। पंचायतें तक हुई। मगर विवाद नहीं था और इसी विवाद में मोनू की हत्या हो गई। पुलिस रुपयों के लेनदेन सहित कई अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है।

सुरक्षा रही चाक-चौबंद
जब तक मोनू का दाह संस्कार नहीं हुआ, तब तक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। किसी तरह के विवाद से निपटने के लिए शहर में भारी पुलिस बल मौजूद था। खुद पुलिस अधीक्षक भी शहर में रहे। गांव में अंतिम संस्कार के दौरान भी काफी पुलिस थी।

इनके खिलाफ शिकायत, दो गिरफ्तार
मोनू की हत्या के मामले में उसके छोटे भाई अंकित ने सुनील उर्फ लाला, टिंकू छिकारा, राहुल राठी, पिन्नू, बबलू, अनिल, प्रवीन, लाला की बुआ के लड़के व लाला के मां-बाप समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ नामजद व कुछ अन्य के खिलाफ शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने गांव नूना माजरा से सुनील उर्फ लाला के पिता राजेंद्र व मां राजवंती को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर साजिश रचने का आरोप है।

परिजनों पर भी थे आरोप
पुलिस को दी शिकायत में अंकित ने अपने चाचा और चचेरे भाई का भी नाम दिया था। मगर मंगलवार की दोपहर शिकायतकर्ता ने दोनों नाम वापस ले लिए। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले इनका आपस में झगड़ा हो गया था। पुलिस के मुुताबिक, शायद आवेश में आकर ये नाम दे दिए गए थे, जो शिकायतकर्ता ने वापस ले लिए हैं।

सुनील ने दी थी जान से मारने की धमकी
हत्या के मुख्य आरोपी सुनील उर्फ लाला ने गत 6 सितंबर को अंकित के फोन पर कॉल करके 36 लाख रुपये की चौथ मांगी थी। रुपये न देने पर उसे व उसके भाई मोनू को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस संबंध में सिटी थाने में केस दर्ज हुआ था, मगर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और 25 सितंबर को मोनू की हत्या कर दी गई।

ये भी जांच का विषय
मोनू के चाचा बलबीर ने कहा कि गत 6 सितंबर को बदमाश द्वारा फोन पर धमकी देने के बाद मोनू ने पुलिस से तीन बार सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद उसे मौत के हवाले कर दिया गया। मोनू को सुरक्षा न देेना भी जांच का विषय है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
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अधिकारी बोले,
इस मामले में लेनदेन सहित कई तरह की बात सामनें आ रही है। फिलहाल जांच जा रही है। मामले में मुख्य आरोपियों के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिन युवकों के खिलाफ शिकायत दी गई है, उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। कुछ युवकों से पूछताछ जारी है। जल्द से जल्द तमाम आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। रही बात मृतक मोनू को सुरक्षा ने देने के मामले की तो इसकी भी जांच की जाएगी।
- हिमांशु गर्ग, एएसपी, बहादुरगढ़।


- पुलिस का दावा, जल्द पकड़ लिए जाएंगे सभी आरोपी
- मंगलवार को गमगीन माहौल में हुआ मोनू का अंतिम संस्कार
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