फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेटपास के चक्कर में 250 किसानों के दो करोड़ रुपये अटके

विज्ञापन
विज्ञापन
अनाज मंडी में सरकार के निर्देश पर प्रशासन की निगरानी के बीच छह जून तक 28 हजार कट्टे सरसों खरीदी गई थी। इस दौरान 5, 6 और 7 जून को मंडी में 250 किसानों की सरसों खरीदी गई थी, जिनका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इसमें करीब 10 हजार बैग सरसों के गेट पास खाद्य आपूर्ति विभाग के नाम से काटे गए थे और सरसों की खरीद हैफेड की तरफ से की गई थी। इसकी वजह से बिना विभाग की मंजूरी के राशि का भुगतान रोक दिया था। किसानों की खरीदी गई करीब 10 हजार बैग सरसों की राशि रुक गई है, जो करीब दो करोड़ रुपये बनती है। अब अधिकारियों के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। किसान अपनी सरसों की फसल के भुगतान के लिए चक्कर काटकर परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन

ऐसे उलझा मामला
सरकार की ओर से 10 मई को सरसों की खरीद का कार्य बंद कर दिया गया था। लेकिन गेटपास के चक्कर में काफी सरसों मंडी में पड़ी थी। इसकी जिला प्रशासन की तरफ से वीडियोग्राफी करवाने के बाद 5,6 और 7 जून को दोबारा से सरसों की खरीद कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू करवाई थी और मंडी के गेट भी लॉक कर दिए गए थे। उसके बाद से किसान खाद्य आपूर्ति विभाग के गेट पास होने की वजह से भुगतान के इंतजार में बैठे हैं।
पचास हजार एमटी सरसों की हुई थी खरीद
झज्जर जिले में सरसों की खरीद की जिम्मेदारी हैफेड व खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से की गई थी। इस दौरान जिले में करीब 50 हजार एमटी सरसों की खरीद की गई थी। खरीद एजेंसियों की तरफ से खरीदी गई सरसों की राशि सीधे किसानों के खाते में डाली जाती है। लेकिन करीब 10 हजार बैग सरसों की राशि अटक गई थी।
विज्ञापन

बोले किसान
जून के प्रथम सप्ताह में बड़ी मुश्किल से एक माह इंतजार करने के बाद सरसों की बिक्री हुई थी। लेकिन आज तक राशि का भुगतान न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान सुनीता, भटेड़ा।
अनाज मडी में कई दिनों के बाद 7 जून को सरसों बेची थी। लेकिन गेटपास खाद्य आपूर्ति विभाग का होने के कारण आज तक पेमेंट नहीं आई है। इसकी वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
विज्ञापन

किसान राजेंद्र सिंह, रईया
सरसों की खरीद हैफेड की तरफ से की गई थी और वहां से ही राशि लेट हो गई थी। लेकिन अब राशि आ गई है और किसानों के खाते में जल्द डाली जाएगी।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें