आरटीए विभाग के अधिकारियों की मनमानी से परेशान शहर के ट्रांसपोर्टरों ने वीरवार को कार्यालय में विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि आरटीए विभाग के अधिकारी न केवल सड़क पर खराब हो जाने वाली गाड़ियों बल्कि सड़क के एक तरफ पार्क होने वाली गाड़ियों का भी चालान करते हैं। ट्रांसपोर्टरों ने कहा है कि यदि अधिकारी अपनी इन हरकतों से बाज नहीं आते हैं तो वे हड़ताल करने के साथ-साथ प्रदर्शन भी करेंगे। उधर, आरटीए विभाग के अधिकारियों ने खुद पर लगे इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वे ओवरलोड वाहनों का चालान करते हैं। बालौर रोड स्थित आरटीए विभाग के कार्यालय के बाहर शहर के ट्रांसपोर्टरों ने अधिकारियों द्वारा वाणिज्यिक वाहनों के चालान किए जाने को लेकर रोष जाहिर किया। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि विभाग के अधिकारी बेवजह उनके वाहनों का चालान कर रहे हैं। अधिकारियों को चाहिए कि जो गाड़ी ओवरलोड हो, उसी का चालान किया जाए। जबकि वे सड़क पर एक साइड में पार्क हुई गाड़ी के अलावा सड़क पर खराब होने वाली गाड़ी का भी चालान कर रहे हैं। इससे ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। ट्रांसपोर्टरों ने आरटीए विभाग कार्यालय के बाहर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार से अधिकारियों की मनमानी रोकने की मांग की।
ट्रांसपोर्टर बोले, अधिकारी नहीं सुधरेंगे तो करेंगे हड़ताल
अधिकारियों की मनमानी से हम परेशान हो चुके हैं। यदि अधिकारी अपने इस रवैये से बाज नहीं आते हैं तो विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे और हड़ताल भी की जाएगी।
मुकेश सहरावत, ट्रांसपोर्टर।
आरटीए विभाग बेवजह परेशान कर रहा है। जबकि गाड़ियों को ओवर लोड नहीं चलाते, फिर भी वाहनों के चालान किए जाते हैं। चाहे गाड़ी का चालक किसी ढाबे पर खाना खाने के लिए रुका और गाड़ी सड़क पर खड़ी हो।
सुरेंद्र, ट्रांसपोर्टर।
जब चालक गाड़ी को फ्यूल पंप पर डीजल भरवाने के लिए भी लाइन में लगे हों तो भी गाड़ियों के चालान किए जा रहे हैं। यदि ड्राइवर के पास चालान भरने के पैसे न हों तो गाड़ियों को इंपाउंड भी किया जा रहा है। ऐसे में आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं विभाग के अधिकारी अपनी पर्सनल नंबर की गाड़ी से कार्रवाई कर रहे हैं।
यतेंद्र, ट्रांसपोर्टर।
सड़क पर चलने वाली ओवर लोड गाड़ियों के चालान किए जाते हैं। यदि इस पर ट्रांसपोर्टरों को आपत्ति है तो वे गाड़ियों को ओवर लोड न चलाएं। सड़क पर पार्क हुई और खराब किसी भी गाड़ी के चालान नहीं किए गए हैं। विभाग के अधिकारियों पर जो आरोप उन लगाए जा रहे हैं, वे बेबुनियाद हैं।
तेज सिंह, असिस्टेंट सेक्रेटरी, आरटीए।