रोहतक। जनगणना के लिए प्रगणक घर-घर जाकर जाकर आंकड़े जुटा रहा है। मकानों की नंबरिंग कर उनकी पहचान कर रहा है लेकिन खुद के पास बिना फोटो और वैधता वाले पहचानपत्र है। महावीर कॉलोनी में सोमवार को उस समय मामला गरमा गया, जब प्रगणक बिना फोटो और वैधता वाले पहचानपत्र (आईकार्ड) के ही घरों में गणना करने पहुंच गए।
महावीर कॉलोनी निवासी हेमंत उप्पल का कहना है कि प्रगणकों के पास जो पहचानपत्र थे, उन पर न तो फोटो थी और न ही संबंधित विभाग की वैधता या मुहर। इसी संशय के कारण लोगों ने निजी जानकारी साझा करने से ही इन्कार कर दिया। लोग मकानों से संबंधित जानकारी देने को तैयार हैं लेकिन बोल रहे हैं कि उनकी निजी जानकारी लीक हो गई तो कौन जिम्मेदारी लेगा?
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, प्रगणकों को अनिवार्य रूप से अधिकृत फोटोयुक्त पहचानपत्र गले में पहनना चाहिए। हालांकि, लोगों को क्यूआर कोड के जरिए प्रगणकों की पहचान सत्यापित करने का अधिकार है। बता दें कि जिले में 1 मई से जनगणना का पहला चरण चल रहा है।
प्रगणकों के पहचानपत्र में न फोटो है और न ही वैधता है। कहीं प्रगणक किसी अन्य व्यक्ति को भेजकर तो जनगणना तो नहीं ले रहे हैं।
- कुलवंत, महावीर कॉलोनी
प्रगणकों के पहचानपत्र में आधी-अधूरी जानकारी है। इससे लोगों को संशय है कि कहीं कोई अनजान व्यक्ति उनकी निजी जानकारी ले जाकर दुरुपयोग न कर दें।
- चतर सिंह, महावीर कॉलोनी
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क्या करें...पहचानपत्र पर दिए क्यूआर कोड को स्कैन करें
जनगणना पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को अपने पहचानपत्र पूरी जानकारी के साथ रखने को लेकर अवगत करवाया गया है। एक बार फिर फोटो और वैधता को लेकर निर्देश दिए जाएंगे। लोगों को किसी तरह घबराने की जरूरत नहीं है कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की डिटेल ऑनलाइन दर्ज है। पहचानपत्र पर दिए क्यूआर कोड को स्कैन कर प्रगणक की डिटेल पता कर सकते हैं।
- मनजीत दहिया, चार्ज ऑफिसर