रोहतक। शहर की सड़कें रोज हजारों लीटर साफ पानी से नहा रही हैं। टूटी पाइपलाइन, ओवरफ्लो टंकी और लापरवाह रवैया पानी के इस संकट को और गहरा कर रहा है। शिकायतों की भरमार है लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।
शहर में पेयजल संकट के बीच पानी की बर्बादी चरम पर है। आलम यह है कि रोजाना हजारों लीटर पानी यूं ही नालियों में बह रहा है और जिम्मेदार विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। टीम ने सोमवार को पानी बर्बादी को लेकर पड़ताल की।
सोनीपत रोड पर जन स्वास्थ्य विभाग से लेकर निजी होटलों के बाहर तक सड़क पर पानी बहता साफ देखा जा सकता है। होटलों के बाहर गाड़ियां धोने व बर्तन साफ करने में खुलेआम सप्लाई का पानी बहाया जा रहा है। शहर में कई जगह लोगों ने अवैध रूप से सबमर्सिबल लगवा रखे हैं। इससे भूजल दोहन तो हो ही रहा है साथ ही सप्लाई का पानी भी बिना रोक-टोक बर्बाद हो रहा है।
झज्जर रोड पर आंबेडकर पार्क के बाहर मुख्य पाइपलाइन में बड़ा लीकेज है। यहां दिनभर पानी सड़क पर बहता है जिससे राहगीरों को परेशानी रहती है। वहीं, पुराने शहर की आंतरिक गलियों की स्थिति ज्यादा खराब है। कई जगह पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हैं जिनसे सप्लाई का पानी रिसता रहता है। इससे सड़कें तो टूट ही रही हैं साथ ही मकानों की नींव में भी पानी जा रहा है। संवाद
उपमंडल कार्यालय की छत पर रखी टंकी से बह रहा पानी
जन स्वास्थ्य विभाग के उपमंडल कार्यालय की छत पर रखी पानी की टंकी अक्सर ओवरफ्लो होकर सैंकड़ों लीटर पानी बहा देती है। सरकारी कार्यालय में ही जब पानी की कद्र नहीं है तो आम लोगों से क्या उम्मीद की जाए। सलारा मोहल्ले में दूषित पानी की आपूर्ति की लगातार शिकायत मिल रही है। विभाग ने जांच के लिए टीम तो लगा दी है लेकिन लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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वर्जन
सोनीपत रोड रजबहे को अंडरग्राउंड करने के लिए टेंडर लगाया जा चुका है। जल्द ही काम शुरू होगा। पेयजल सप्लाई को सुचारू करने के लिए विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। जहां-जहां लीकेज की सूचना मिल रही है वहां तुरंत टीम भेजी जा रही है।
-संदीप कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग।
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यह भी हालत
फोटो : 14
गली में सप्लाई का पानी नसीब नहीं हो रहा है। नजदीक की सार्वजनिक चौपाल में सबमर्सिबल लगा हुआ है। इसका पानी इस्तेमाल करते हैं और वह भी खारा है। त्वचा रोग भी हो रहे हैं।
-राधा, शोरा कोठी।
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पानी की समस्या 6 महीने से है। 500 मीटर दूर से पानी लेकर आते हैं। टैंकर के लिए बार-बार जन स्वास्थ्य विभाग को गुहार लगाई जाती है। न मिलने पर मोल खरीदते हैं।
-कमला, शोरा कोठी।
10-रोहतक के भरत कॉलोनी निकट होटल के बाहर सड़क पर पानी डालता युवक। संवाद- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद
10-रोहतक के भरत कॉलोनी निकट होटल के बाहर सड़क पर पानी डालता युवक। संवाद- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद
10-रोहतक के भरत कॉलोनी निकट होटल के बाहर सड़क पर पानी डालता युवक। संवाद- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद
10-रोहतक के भरत कॉलोनी निकट होटल के बाहर सड़क पर पानी डालता युवक। संवाद- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद
10-रोहतक के भरत कॉलोनी निकट होटल के बाहर सड़क पर पानी डालता युवक। संवाद- फोटो : लाखनमाजरा गांव में हुई पंचायत में आईटीआई बनवाने का मुद्दा रखते ग्रामीण। संवाद