सरकार की तरफ से बाजरे की खरीद शुरू न किए जाने के कारण अब किसान निजी तौर पर आढ़तियों को बाजरा बेच रहे हैं। वीरवार की शाम तक 1105 क्विंटल बाजरे की आवक हुई और आढ़तियों ने बोली लगाकर पूरा बाजरा खरीद लिया है। अनाज मंडी में बाजरे की आवक रुक रुककर हो रही है। किसानों को उम्मीद है कि सरकारी वेबसाइट खुल सकती है जिसके चलते किसान पहले की अपेक्षा कम आ रहे हैं। शुक्रवार को मंडी प्रबंधन की ओर से करीब 38 गेट पास किसानों के काटे गए हैं। अब तक करीब 3005 क्विंटल बाजरा ही किसानों की ओर लाया गया है। किसानों का कहना की सरसों व गेहूं की बुआई को लेकर खर्चे की आवश्यकता है। जिसके चलते किसान कम मात्रा में बाजरा मंडी में बेचने के लिए मंडी में आ रहे है। आढ़तियों का कहना है कि जो भी किसान मंडी में बाजरा को बेचने के लिए आ रहा है। मोलभाव, तुलाई, नपाई करने के बाद तुरंत नकद भुगतान किया जा रहा है।।
किसानों की ओर से बाजरे की आवक कम आ रही है। जो भी किसान मंडी में बाजरा लेकर पहुंच रहा है उसका गेट पास काटने के बाद मंडी परिसर में आढ़तियों को बाजरा बेच रहा है। मंडी प्रबंधन की ओर से बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करवा रखी है। - अमरजीत, सुपरवाइजर, मार्केट कमेटी, झज्जर।