झज्जर। अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर ने बुधवार को लघु सचिवालय में चार दिवसीय प्रदर्शन की शुरूआत की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। वे सरकार की पोषण ट्रैकर योजना का विरोध कर रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार उन पर ऑनलाइन ट्रैकर पर काम करने को दबाव बना रही है। अगर वर्कर पोषण ट्रैकर एप पर काम नहीं करती तो उनका वेतन काट दिया जाएगा और निलंबित कर दिया जाएगा। सरकार के साथ 2018 में कुशल और अर्ध कुशल को लेकर समझौता हुआ था। लेकिन सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का न तो वेतन बढ़ा रही है और न ही बढ़ा हुआ इंक्रीमेंट दिया जा रहा है। अधिकतर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स विधवा हैं। जिसके चलते उनका घर इसी तनख्वाह के सहारे चलता है। इसलिए सरकार से मांग है कि आगंनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स की तनख्वाह 7 तारीख तक खाते में डाल दी जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर के लिए सरकार ने तय किया है कि 50 वर्ष के बाद उनका प्रमोशन नहीं होगा। जबकि, अन्य सरकारी कर्मचारियों का उनकी नौकरी के 2 दिन बचे होने पर भी प्रमोशन मिल जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स बुधवार से शनिवार तक सांकेतिक रोष प्रदर्शन करेंगे।