झज्जर। लघु सचिवालय में पिछले आठ दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। बुधवार को उन्होंने विरोध में थाली बजाकर रोष व्यक्त किया। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें सरकार जब तक नहीं मानेगी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना है कि वर्ष 2018 में सरकार ने कुशल व अर्धकुशल का दर्जा देने का वायदा किया था जोकि अभी तक पूरा नहीं किया गया है। ऑनलाइन काम को आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स किसी भी सूरत में नहीं करेंगी। पोषण ट्रैकर एप पर आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स पर काम करने के लिए विभाग की ओर से बार-बार दबाव डाला जा रहा है। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को रिटायरमेंट के बाद कोई भी भत्ता आदि नहीं दिया जाता है जोकि गलत है। रिटायरमेंट पर आंगनबाड़ी वर्कर्स को तीन लाख रुपये व हेल्पर्स को दो लाख रुपये की राशि सरकार की ओर से दी जानी चाहिए ताकि नौकरी करने के उपरांत उनकी आर्थिक तौर पर स्थिति ठीक रहे। उन्होंने बताया कि राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ व महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला अधिकारी नीना खत्री को अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।