झज्जर। लघु सचिवालय में दूसरे दिन भी आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने साफ किया कि किसी भी हालत में वर्कर पोषण ट्रैकर एप को डाउन लोड नहीं करेंगी। सरकार व प्रशासन किसी भी वर्कर, हेल्पर पर दबाव न बनाएं। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने काली चुनरियां लहराकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया।
आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष छोटो गहलावत ने कहा कि सरकार पोषण ट्रैकर एप से ऑनलाइन काम करवाना चाहती है, जोकि वर्कर्स के लिए काफी कठिन प्रक्रिया है। वर्कर्स ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है, हाई कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा हमें वह मंजूर होगा। 22 जनवरी को आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स की कोर्ट में अगली सुनवाई है उसमें जो फैसला आएगा वह उन्हें मंजूर होगा। सरकार और विभाग आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स पर बिना वजह के अतिरिक्त दबाव डाल कर ऑनलाइन ट्रैकर पर ही काम करने के लिए कह रहे हैं। कहा जा रहा है कि काम नहीं किया तो आपकी तनख्वाह काट दी जाएगी और आपको निलंबित कर दिया जाएगा। सरकार के साथ 2018 में कुशल और अर्ध कुशल को लेकर समझौता हुआ था लेकिन सरकार की ओर से आंगनबाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स को केवल एक बार बढ़ोतरी देने के बाद अब तक कोई भी बढ़ोतरी नहीं दी गई है। जिसको लेकर वर्कर्स में रोष है। उन्होंने कहा कि अधिकतर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स विधवा हैं। उनका घर इसी तनख्वाह के सहारे चलता है। इसलिए उनकी सरकार से मांग है कि हमारी तनख्वाह 7 तारीख तक खाते में डाल दी जाए। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को नहीं माना जाता तो प्रदर्शन अनिश्तिकाल तक जारी रह सकता है।