टीकरी बार्डर पर किसान और अकाली दल कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत के बाारे में मीडिया को जानकारी देते
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तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर नौ महीने से यहां पड़ाव डाले बैठे आंदोलकारी किसानों और शुक्रवार को दिल्ली जाने के लिए आए अकाली दल के कार्यकर्ताओं में दो बार टकराव होते-होते बचा। आंदोलनकारी किसान अकाली दल पर किसान आंदोलन खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगा रहे हैं।
टीकरी बार्डर बंद है, इसलिए अपने वाहनों से आए अकाली दल के कार्यकर्ता वीरवार रात से ही झाड़ोदा बार्डर के रास्ते दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर पंजाब नंबर की एक क्रूजर में आए अकाली दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने बहादुरगढ़ बाईपास स्थित दुर्गा फिलिंग स्टेशन से घूमकर दिल्ली जाने की कोशिश की तो आंदोलनकारी किसानों ने उनकी गाड़ी को रुकवा लिया। अकाली दल कार्यकर्ताओं की गाड़ी में एक देशी शराब मिली। इसको आंदोलकारी किसानों ने गलत बताया और अकाली कार्यकर्ताओं का घिराव कर लिया। दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई।
आंदोलनकारियों ने शराब को लेकर अकाली दल का विरोध किया और अकाली दल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अकाली दल मुर्दाबाद के नारे लगाए। किसानों ने कहा कि अकाली दल हमारे आंदोलन को खराब करने की कोशिश कर रहा है। भली-बुरी सुनाकर किसानों ने अकाली दल कार्यकर्ताओं को जाने दिया और अकाली दल के कार्यकर्ता रोहतक की तरफ चले गए।