बहादुरगढ़। तीन दिन पहले घर से निकले गांव मेहंदीपुर डाबोदा के युवक का मंगलवार को खून से लथपथ शव गांव बालोर के श्मशान घाट में पड़ा मिला है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या किसने, क्यों और कैसे की। मृतक के शरीर पर तेजधार औजार से वार करने के निशान भी मिले हैं। उसके कपड़ों पर खून लगा हुआ है।
बालोर की श्मशान भूमि में युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिलने पर सदर थाना मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। इस दौरान एफएसएल टीम भी मौके पर बुलाई गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर भेजने के साथ हत्या का केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
मेहंदीपुर डाबोदा का रहने वाला मुकेश (32) चार बहनों का इकलौता भाई व अविवाहित था। उसके पिता गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार 15 अगस्त को गांव में भंडारे का आयोजन किया गया था, जहां पर वह शाम 5 बजे तक रहा। इसके बाद उसने परिजनों से बहादुरगढ़ जाने की बात कहकर वहां से चला गया, पर घर नहीं लौटा। अगले दिन सुबह तक जब वह नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने आसपास के क्षेत्र में ढूंढा, पर उसका सुराग नहीं लगा। इसके बाद परिजनों ने थाना सदर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अपने स्तर पर भी वे मुकेश की तलाश करते रहे।
मंगलवार को बालोर गांव की श्मशान भूमि में युवक का शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान का प्रयास किया। मृतक के कपड़ों और उसके हाथ पर लिखे ओम के आधार पर उसकी पहचान मुकेश के रूप में हुई। थाना सदर प्रबंधक सत्येंद्र ने बताया कि मृतक की शिनाख्त दयानंद उर्फ मुकेश निवासी मेहंदीपुर डाबोदा के तौर पर की गई है। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या का मामला दर्ज किया गया है।