झज्जर। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद गुरुग्राम के तत्वावधान में नेशनल मींस कम मेरिट स्कॉलरशिप की परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें जिले के 866 में से 734 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की ओर से झज्जर जिले के दो विद्यालय में तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा शांतिपूर्ण हुई।
परीक्षा केंद्रों के बाहर बच्चों को लेकर आए परिजनों की भीड़ लगी रही। काफी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र से भी बच्चे परीक्षा देने के लिए सुबह ही केंद्रों पर पहुंचने शुरू हो गए थे। रविवार की सुबह दस बजे बच्चों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्म प्रकाश राणा के नेतृत्व में बोर्ड निर्देशानुसार परीक्षा के सफल आयोजन के लिए उड़न दस्ते का गठन किया गया था। जिसके संचालक वेद प्रकाश प्राचार्य, पूनम प्रवक्ता अर्थशास्त्र, भूपसिंह प्रवक्ता रसायन विज्ञान रहे। जिला विज्ञान विशेषज्ञ जसवीर दलाल ने बताया कि नेशनल मींस-कम-मेरिट स्कॉलरशिप एक केंद्र प्रायोजित स्कॉलरशिप योजना है। यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से क्रियान्वित किया गया है। एनएमएमएस हर वर्ष 12 हजार रुपये की स्कॉलरशिप राशि देकर वंचित छात्रों को माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करता है।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बताया कि एनएमएमएस स्कॉलरशिप का उद्देश्य मेधावी और वंचित छात्रों को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही कक्षा 8 के बाद स्कूलों से ड्रॉप आउट दर में सुधार हो सके।