झज्जर। मंडियों में एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद शुरू कर दी थी। किसानों को भरोसा दिया गया था कि उनके बाजरे का 72 घंटे में भुगतान हो जाएगा लेकिन 15 दिन बाद भी किसानों को उनकी फसल का भुगतान नहीं हुआ।
किसान मंडी में आढ़तियों के चक्कर लगा रहे हैं। आढ़ती केवल किसानों को यह कहकर वापिस भेज रहे हैं कि उनके खाते में ऑनलाइन धनराशि भेजी जाएगी। दरअसल इस समय किसान इस समय मजबूर हैं। उन्हें अपनी रबी की फसल की बिजाई करनी है । किसान को अपने घर चलाने व अगली फसल की बुवाई के लिए मंडियों में बेची गई फसल ही सहारा होती है। हैफेड एजेंसी के प्रबंधक राजेश डबास का कहना है कि गोदाम में बाजरा पहुंचते ही किसानों के खाते में पैसे डाले शुरू कर दी जाते है। वहीं किसानों का दावा है कि उन्होंने मंडियों में शुरुआती दिनों में बाजरा डाला था। लेकिन आज तक उनके रुपये उनके खातों में नहीं पहुंचे हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक शहर की अनाज मंडी में 2916 किसान अपना बाजरा लेकर पहुंचे हैं। इनमें से 2653 किसानों का बाजरा एजेंसी की ओर से खरीद लिया गया है। 263 किसानों का 11690 क्विंटल बाजरा अभी तक नहीं खरीदा गया है। मंडी में 2916 किसानों की ओर से 84687 क्विंटल बाजरा लाया गया है। जिसमें से एजेंसी की तरफ से 72997 क्विंटल बाजरा खरीद लिया गया है। देखा जाए तो 2653 किसानों के करीब 17 करोड़ रुपए अटके हुए हैं।
वर्जन
हर दिन किसान मंडी में उनकी ओर से डाले गए बाजरे के रुपये के बारे में पूछने के लिए आते है। मेरे पास करीब 350 किसानों ने बाजरा डाला था। जिनमें में किसी भी किसान के खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं।
चांद सिंह आढ़ती
किसानों को मंडियों में बाजरा डाले हुए करीब 15 दिन का समय हो गया है। किसी भी किसान के खाते में रुपये नहीं पहुंचे है। हर रोज करीब 30 से 40 किसान रुपये के बारे में पूछने के लिए आते है।
वजीर कुमार, आढ़ती।
तीन अक्तूबर को बाजरा डाला था। लेकिन अभी तक मेरे खाते में रुपये नहीं पहुंचे है। सरकार की तरफ से किसानों खाते में रुपये डालने के 48 घंटे का समय दिया गया है। लेकिन 13 दिन बाद तक खातों में रुपये नहीं पहुंचे है।
ईश्वर सिंह किसान।
अक्तूबर के पहले सप्ताह में मैंने बाजरा मंडी में डाला था। लेकिन अभी तक खाते में बाजरे के रुपये नहीं पहुंचे है। किसानों को रबी की फसल की बिजाई के लिए रुपयों की आवश्यकता होती है समस्या हो रही है कि धनराशि कहां से लाएं।
तुलाराम किसान
48 घंटे तक में रुपये डालने का समय दिया गया है। लेकिन दस दिन बाद किसानों के खाते में रुपये नहीं पहुंचे है। सरकार के वादये झूठे साबित हो रहे है।
नरेंद्र कुमार, किसान ।
वर्जन
गोदाम में बाजरा पहुंचने पर किसानों के खातों में रुपये डाल दिए जाते है। किसानों के खातों में मुख्यालय से रुपये डाले जाते है। वहीं हो सकता है कि आढ़तियों ने संबंधित किसानों के कागजात हमें देरी से दिए हो।
राजेश कुमार, प्रबंधक, हैफेड, झज्जर।