झज्जर। बेमौसम 25 एमएम बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल कर रख दी है। मौसम का मिजाज चार दिन से बदला हुआ है। सोमवार को सुबह से बादल छाए हुए थे। शाम करीब चार बजे बारिश शुरू हुई और घंटों तक मेघा बरसते रहे। शहर की सभी सड़कों पर जलभराव हो गया। नालियों में भरा कचरा और सीवर की गंदगी जहां-तहां सड़कों पर बहती रही। कई जगह दुकानों और घरों में बारिश का पानी घुसने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शाम करीब साढ़े सात बजे तक 25 एमएम बारिश दर्ज की गई। हालांकि उसके बाद भी बारिश का दौर निरंतर जारी थी। बारिश के साथ ही बिजली आपूर्ति भी लड़खड़ा गई। देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।
शहर में जगह-जगह खोदी गई सड़कों पर पानी भरने से स्थिति और अधिक खराब हो गई। गड्ढों में पानी भरने से अब इन सड़कों पर चलना भी दूभर हो गया है क्योंकि शहर में सड़कों को बनाने के काम चल रहा है। जिसके चलते सड़कों को कई जगहों से उखाड़ रखा हैं। बारिश में जलभराव की समस्या शहर के लिए हर बार मुसीबत बन जाती है। सालों पुरानी इस समस्या का समाधान न कोई सरकार निकाल पाई और न ही जिला प्रशासन। सोमवार को हुई बारिश में यह बात एक बार फिर साबित हुई है। शहर के नालों की सफाई न होने व सीवर लाइनें जगह-जगह रुकी होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही हे। शहर की सड़कों पर पानी भरने से दुपहिया वाहन चालकों के वाहन भी पानी के अंदर बंद हो गए। वाहन चालकों को अपने वाहनों को धक्का मार कर पानी से बाहर निकालना पड़ा।
- यहां हुआ जलभराव
शहर के आंबेडकर चौक,पुराना बस अड्डा, बर्फखाना रोड, बीकानेर रोड, सिलानी गेट, मुख्य बाजार, अग्रसेन चौक, बेरी गेट, छिकारा चौक, गैस गोदाम रोड के अलावा शहर के की विभिन्न कॉलोनियों में बारिश का पानी भर गया है। शहर की सड़कों पर हुए गड्ढों में बारिश का पानी भर गया तो गलियों में व सड़कों पर कीचड़ भी फैल गया। राहगीरों को परेशानी हुई। बदहाल सड़कों पर पानी भरने से हादसा होने का अंदेशा भी वाहन चालकों में बना रहा। बारिश में भीगने से बचने के लिए लोगों को छाते का इस्तेमाल करना पड़ा।
बारिश के कारण सरसों व गेहूं को नुकसान पहुंचा है। इन दिनों काफी किसानों की सरसों की फसल खेत में कटी हुई रखी हुई और निकाली नहीं है। ऐसे में उन किसानों की मुसीबतें बढ़ गई। वही तेज बारिश से हालांकि गेहूं की फसल को इस बूंदाबांदी से नुकसान नहीं होगा। बहुत ज्यादा बारिश हुई, तेज हवा चलीं और ओलावृष्टि हुई है। गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
वर्जन :
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की निकासी के लिए पंप लगाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार की सुबह नगर परिषद की तरफ से भी अपने पंप सेट लगा दिए जाएंगे।
- मंदीप सिंह, एमई, नगर परिषद, झज्जर